जिला महिला अस्पताल में महिला ने अस्पताल के लोगों पर रुपये लेने की शिकायत स्वास्थ्य राज्य मंत्री से की।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने बृहस्पतिवार की सुबह जिला अस्पताल और जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला महिला चिकित्सालय में मरीजों ने कर्मचारियों के घूस मांगने की शिकायत की। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। बोले, इंजेक्शन का लोकल परचेज क्यों नहीं हो रहा है। अस्पताल परिसर में गंदगी देखकर सीएमओ को नसीहत दी।
बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे स्वास्थ्य राज्यमंत्री जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां उन्होंने कर्मचारियों और ठेका पर सफाई करने वाले कर्मचारियों का उपस्थिति पंजिका देखी। जिला अस्पताल के कर्मचारी तो उपस्थित मिले, लेकिन आठ से अधिक ठेका सफाई कर्मचारी अनुपस्थित थे। इस पर उन्होंने इनकी छुट्टी करने का निर्देश दिया। दांत की दवा कराने आई लक्ष्मीना देवी ने बाहर की दवा लिखने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ को मामला देखने की बात कही। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री इंजेक्शन कक्ष पहुंचे। यहां लोगों की काफी भीड़ थी।
बातचीत के दौरान हबीब अंसारी ने बाहर से एंटी रैबीज इंजेक्शन मंगाने की पर्ची दिखाई। इस पर स्वास्थ्य मंत्री भड़क गए। उन्होंने सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि जब इंजेक्शन नहीं है तो लोकल परचेज क्यों नहीं करते? यहां से इमरजेंसी पहुंचकर व्यवस्था देखी। फिर जेई/एईएस वार्ड पहुंचे। यहां की व्यवस्था को देखकर वह संतुष्ट थे। एक्स-रे कक्ष का निरीक्षण किया और कमियों के बारे में सीएमओ डॉ. डीके सिंह से बात की। सीएमएस डॉ. पूर्णमासी कन्नौजिया ने यहां डिजीटल एक्स-रे लगाने की मांग की।
इसके बाद वह जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे। वार्ड में पहुंचकर मरीजों से नाश्ते और भोजन के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने तीन हजार रुपये तक सुविधा शुल्क मांगे जाने की शिकायत की। इस पर उन्होंने महिला सीएमएस डॉ. माला सिन्हा को नसीहत दी। उन्होंने बच्चों के लिए बने आईसीयू का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने सीएमओ और सीएमएस को निर्देश दिया कि यहां जो भी कमी हो वे लिखकर दे दें। कमियों को दूर कराया जाएगा।