निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने बुधवार को अपने अधिकार और शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बैठक की। इसमें संगठन का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई के शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षक राजेश यादव ने कहा कि प्राइवेट शिक्षक ही निजी विद्यालयों के शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए परिश्रम करते हैं। लेकिन निजी विद्यालय के संचालक मेहनत के अनुरूप मानदेय नहीं देते हैं। इससे शिक्षकों की मूलभूत आवश्कताएं पूरी नहीं हो पाती हैं। संगठन बनने के बाद शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षामंत्री स्मृति ईरानी से मिलकर अपनी पीड़ा बताने की योजना बनाई है।
प्राइवेट शिक्षकों की होने वाली अगली बैठक में संगठन का गठन और पदाधिकारियों का चुनाव होगा। इस दौरान रमेश कुमार, सुरेश सिंह, अभिनंदन सिंह, प्रवीण यादव, मोहन सिंह, सुरेश गौड़, रमेश चतुर्वेदी, गरिमा तिवारी, सुशील सिंह, रोहन वर्मा, नंदनीय विश्वकर्मा, जावेद अख्तर, इमरान अंसारी, मयंक तिवारी, शिवनरायण मिश्र, दीनरायण तिवारी, धर्मेन्द्र पांडेय, कंचन सिंह, कल्पना मिश्र, निधि यादव, श्वेता कश्यप, पूनम कुशवाहा आदि मौजूद रहे।