सलेमपुर। नदावर रोड स्थित धर्मशाला बरनवाल सेवा सदन में बृहस्पतिवार को महाराजा अहिबरन की जयंती सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच मनाई गई। इसमें बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा अहिबरन के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर महाराजा के जयकारों का उद्घोष करते हुए समाज की एकजुटता और तरक्की पर बल दिया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ बरनवाल ने कहा कि समाज को अपने पूर्वजों के किए गए कार्य और विचार का अनुसरण करना चाहिए, ताकि समाज में व्याप्त भिन्नता और कुरीतियों को दूर किया जा सके।
विशिष्ट अतिथि अजय बरनवाल ने कहा कि महाराजा अहिबरन वैश्य समाज के पुरोधा थे। बुलंदशहर में ही महाराजा अहिबरन का राज्य था। विशिष्ट अतिथि राजेश ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के साथ महिला सशक्तीकरण की बात कही। अतिथियों ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक कार्यक्रमों का लुत्फ लिया और सभी प्रतिभागियों की भूरी भूरी प्रशंसा की। समिति के अध्यक्ष प्रवीण कुमार बरनवाल के साथ डॉ. सुशील बरनवाल और डॉ. ज्ञानेंद्र बरनवाल ने कार्यक्रम के अंत में बच्चों को पुरस्कार वितरित किया।