देवरिया। जिले में डग्गामार और अवैध बसों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। आरामदेह सफर और तत्काल सीट मिलने के लालच में यात्री अपनी सुरक्षा से बड़ा समझौता कर रहे हैं। देवरिया से जयपुर, लखनऊ और दिल्ली जैसे शहरों के लिए रोजाना मानकविहीन कई एसी स्लीपर व स्लीपर बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। सोमवार को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे ने एक बार फिर सफर में सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट की मारामारी के बीच स्लीपर और एसी स्लीपर बसें लोगों के लिए यात्रा का आसान जरिया बन गई हैं। सीटों की बढ़ती मांग के चलते हर महीने इन बसों की संख्या बढ़ोत्तरी हो रही है। इन बसों में यात्रियों को तुरंत सीट मिल जाती है।
देवरिया से जयपुर और दिल्ली के लिए लंबी दूरी की एसी स्लीपर और स्लीपर बसें चलती हैं। स्लीपर बसें सलेमपुर, बरहज के अलावा देवरिया शहर के दक्षिणी छोर से चलती हैं। वहीं एसी स्लीपर बसें देवरिया-कसया मार्ग पर रघवापुर के पास एक पेट्रोल पंप से संचालित होती हैं। यहां प्रतिदिन आठ से 10 एसी स्लीपर बसें दिल्ली व जयपुर के अलावा अन्य शहरों के लिए रवाना होती हैं। इनके रवाना होने की फिक्स टाइमिंग और आसानी से मिलने वाली सीट के चलते यह बसें यात्रियों में लोकप्रिय हो रही हैं। पर इन बसों का रिकार्ड एआरटीओ के पास ठीक ठीक नहीं है।
खासकर जिले के बाहर रजिस्टर्ड बसों का कोई रिकार्ड एआरटीओ के पास नहीं है। एआरटीओ इनकी फिटनेस जांच की बात जरूर करते हैं। वहीं देवरिया से लखनऊ के लिए तीन एसी छोटी बसें कचहरी शिवमंदिर और एसएसबीएल से रवाना होती हैं।