संवाद न्यूज एजेंसी देसही देवरिया। मुंडेरा उर्फ देउरवा गांव में पशुओं में लंपी रोग का प्रकोप काफी बढ़ गया है। 10 से अधिक पशु इसकी चपेट में हैं।
पशुपालकों का आरोप है कि विभाग की तरफ से टीकाकरण कराया गया होता तो आज पशुओं में यह बीमारी नहीं होती। इतने के बावजूद कोई चिकित्सक गांव में नहीं आया। इस रोग की चपेट में आने से पिछले साल कई पशुओं की मौत हो गई थी।
गांव के चंद्रशेखर सिंह की गाय, सुरेश पांडेय की गाय और बछड़ा, दीनानाथ पांडेय की गाय, हरि पांडेय की गाय व बछड़ा, उमेश गुप्ता की गाय, विजेंद्र गुप्ता की गाय सहित 10 से अधिक पशु इस लंपी की चपेट में आ गए हैं।
पशुपालक निजी डाॅक्टरों को बुलाकर इलाज कराने को विवश हैं। शुपालक अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों ने कहा कि पशु पालन विभाग ने टीकाकरण कराया होता तो यह रोग नहीं हुआ होता।
विदित हो कि पिछले साल भी, धमउर, रामपुर दुल्लह, जिगनी, पिपरा मदन गोपाल आदि गांवों में इस रोग की चपेट में ज्यादा पशु आए थे। कई पशुओं की मौत भी हो गई थी।