संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/बरहज। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से समूह की महिलाओं ने रोजगार, बिटिया की शादी और मकान बनवाने के नाम पर कर्ज रूप में मोटी रकम ले ली। अब कर्ज की रकम न जमा करने पर मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। अब किस्त भरने में एजेंटों की धौंस का सामना करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, कहीं-कहीं पर लोग बिचौलियों का भी शिकार हो रहे हैं। कुछ महिलाओं का कहना है कि बिना उनकी जानकारी में कर्ज लेकर बिचौलियों फरार हो गए। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
समूह की महिलाओं को माइक्रो फाइनेंस कंपनियां रोजगार के लिए कर्ज देती हैं। कर्ज लेने के बाद सप्ताह में उन्हें एकमुश्त रकम अच्छे-खासे ब्याज के साथ चुकाना पड़ता है। 2017 में नगर के पचौहां वार्ड की करीब 37 महिलाओं ने बिचौलिये और एजेंट के बहकावे में आकर करीब 50 लाख रुपये कर्ज ले लिया। कर्ज के रूप में लिए गए रुपये से महिलाएं रोजी-रोजगार, बिटिया की शादी, भवन निर्माण आदि करने का सपना संजोए थीं।
वार्ड की लालती देवी, गुलशन, मेवाती, गंगाजली, वंदना, संगीता, सीमा देवी, रीता आदि का कहना है कि सपना पूरा होने से पहले ही बिचौलिया रुपये लेकर भाग गया। थाने में हुई पंचायत में बिचौलिये ने कर्ज जमा करने की बात कही। इसके बाद कर्ज के बोझ तले दबी महिलाओं ने राहत की सांस ली।
माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की ओर से समूह की महिलाओं को कर्ज लेने के लिए एजेंटों और बिचौलिये प्रेरित करते हैं। इसमें अधिकतर गरीब तबके के लोग शामिल हैं। आरोप है कि कर्ज लेने के लिए महिलाओं को झांसे में भी लिया जाता है।