देवरिया। सलेमपुर-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवरिया कस्बे में बिना दूसरा ओवरब्रिज बनाए ही फोरलेन चालू कर दिया गया था। अब जब दूसरे ओवरब्रिज के लिए प्रस्ताव भेजा गया है तो वहां जगह की दिक्कत आड़े आ रही है।
दरअसल, सड़क चौड़ीकरण के समय हुई तोड़फोड़ के बाद सड़क किनारे रहने वाले लोगों ने नए मकान बनवाए हैं। अब ओवरब्रिज निर्माण के लिए फिर से घरों को तोड़ना पड़ेगा तो लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने ओवरब्रिज निर्माण के लिए एनएच के अधिकारियों को पत्र भेजा था। इसके बाद अब जमीन की तलाश शुरू हुई है। अगले महीने इसके लिए एक विशेष टीम सर्वे करने आएगी। इस ओवरब्रिज के साथ ही गोरखपुर के चौरीचौरा में बनने वाले ओवरब्रिज के लिए भी सर्वे होगा।
शहर के बीच में है जगह की दिक्कत : देवरिया शहर में के पुरवा तिराहे तक तो सड़क फोरलेन है, लेकिन वहां से ओवरब्रिज तक सड़क की चौड़ाई कम है। ओवरब्रिज के पूरब से कसया रोड का बाईपास है। आगे मस्जिद, मंदिर और नाले के दूसरी तरफ 20 से अधिक मकान हैं, जो वर्तमान ओवरब्रिज के नजदीक है। यहां नया ओवरब्रिज बनाने के लिए इन मकानों का अगला हिस्सा तो तोड़ना ही होगा, पुरावा तिराहे से आने वाले सड़क और कसया बाईपास के लिए भी अलग से जमीन अधिग्रहित करनी होगी। वहीं सड़क के पश्चिम तरफ से नया ओवरब्रिज बनाने पर सबसे अधिक हिस्सा कांशीराम आवासीय काॅलोनी का तोड़ना होगा। आगे इस रोड पर सभी सर्विस लेन है, जिसके लिए बीएसएनएल दफ्तर और अगल-बगल के मकानों को तोड़ना पड़ेगा।