-खलीलाबाद के 19 और मेंहदावल के नौ गांवों में बांटी जाएगी मुआवजा राशि
- 410 करोड़ रुपये मिले, अधिग्रहण की भी तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद-बलरामपुर-बहराइच रेल लाइन को लेकर भूमि अधिग्रहण और मुआवजा बांटने का रास्ता साफ हो गया है। किसानों को अगले सप्ताह मुआवजा राशि बांटने के लिए प्रशासन ने तैयारी कर ली है। पहले चरण में मेंहदावल के नौ और खलीलाबाद तहसील के 19 गांव के किसानों में मुआवजा बांटा जाएगा। साथ ही जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई भी शुरू हो जाएगी। मुआवजा बांटने के लिए 410 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
किसानों को मुआवजा देने के लिए 28 गांवों में भूमि अधिग्रहण का नोटिस जारी किया गया था और 30 दिन में इसके लिए आपत्ति मांगी गई थी। आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। अब जमीनों के काश्तकारों को मुआवजे की रकम देने की तैयारी की जा रही है।
प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक 54 किलोमीटर दूरी तक कार्य कराया जाना है। इसमें जिले में खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 31 गांवों की 75.128 हेक्टेयर जमीन, मेंहदावल तहसील के 25 गांवों की 66.862 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी थी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की तैयारी चल रही थी। इसी बीच रेलवे ने एलाइमेंट बदल दिया, जिसके कारण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया रुक गई। अब प्रशासन ने 28 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए नए सिरे से पहल की है।
इन गांवों के किसानों में बंटेगा मुआवजा
खलीलाबाद-बांसी नई रेल लाइन के लिए मेंहदावल तहसील क्षेत्र के ग्राम घोरकटा, बधिनी, रेशमुर, परसवनिया, अमथरी, धोबहा, सिघौना, लंगडाबर आदि गांवों में मुआवजा राशि बांटी जाएगी। साथ ही खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में ग्राम चिट्ठापार, देवकली, नाउडाड़, जीनखाल, नाजिरजोत, बरहटा, भुअर, भिरवा, बारीगांव, मखदूमपुर, भगवानपुर, कड़सरी, समदा, अतरी, हारा पट्टी, बढ़या बाबू, लोरिक बारी, तरकुलवा, उस्का कला गांव शामिल हैं। इसके अलावा खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन बनने से इस क्षेत्र के लाखों लोगों को आने-जाने में रेल की सुविधा मिलेगी। इससे न सिर्फ इन क्षेत्रों का विकास होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
बोले जिम्मेदार
खलीलाबाद-बांसी नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी चल रही है। जिन किसानों की जमीन ली जानी है, उन्हें अगले सप्ताह मुआवजा बांटा जाएगा, जिसकी तैयारी चल रही है। इसके बाद अधिग्रहण का काम पूरा होगा।
- आशीष पांडेय, भूमि अध्याप्ति अधिकारी