एजेंसी के माध्यम से तैनात 65 लोगों की सेवा समाप्त
देवरिया। कोविड-19 महामारी की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए एजेंसी के माध्यम से तैनात 65 लोगों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसमें एक चिकित्सक सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। सेवा मुक्त किए जाने के बाद ये कर्मी निराश हो गए हैं।
कोविड-19 महामारी फैलने के बाद रोकथाम एवं नियंत्रण के जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) से एजेंसी के माध्यम से स्वास्थ विभाग में 65 लोगों की तैनाती की गई। इसमें एक चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन 25, स्वीपर 25, स्टाफ नर्स आठ, डाटा इंट्री आपरेटर छह शामिल हैं। कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे कमजोर पड़ गया है। 31 जनवरी से इन कर्मियों को सेवा मुक्त कर दिया। इस संबंध में सीएमओ ने जिला नगरीय विकास अधिकरण के परियोजना अधिकारी को पत्र लिखा है।
सेवा विस्तार की मांग को लेकर आउट सोर्सिंग कर्मियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन: देवरिया। एजेंसी के माध्यम में स्वास्थ्य विभाग में तैनात कर्मियों ने सोमवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सेवा विस्तार करने की मांग की है।
आउट सोर्सिंग कर्मियों ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के समय हम लोगों ने अपनी व परिवार के जान की परवाह किए बैगर सेवा दी, अब हालत सामान्य होने पर हमें सेवा मुक्त कर दिया गया है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। यह कोविड-19 स्टाप के लिए कष्टदायी होगा। इस संबंध में सीएमओ से मिला गया तो उन्होंने कहा कि शासन से कोई दिशा-निर्देेश नहीं है, ऐसे में कार्य मुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य जनपदों में 31 मार्च तक सेवा बढ़ा दी गई है। ऐसे में हम लोगों का भी सेवा विस्तार किया जाए। इस दौरान डॉ. उमर जमाल, अमरीश चंद्र मिश्र, पुनीत नाथ तिवारी, रियासत हुसैन, प्रीती पांडेय, अखिलेश्वर उपाध्याय, दीप चंद्र गुप्त, संदीप कुमार गौतम, चांदनी तिवारी, अर्चना भारती, गायत्री, प्रज्ञा पांडेय, कृष्ण प्रताप, विवेक कुमार चौधरी आदि मौजूद रहे।