देवरिया महोत्सव: देवरिया महोत्सव में पाॅप व बाॅलीवुड सिंगर कैलाश खेर ने मचाया धमाल
सीडीओ ने लाभार्थियों को दिए स्वीकृति पत्र और टूल किट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। देवरिया महोत्सव के पांचवें दिन बृहस्पतिवार की रात नौ बजे से पॉप व बाॅलीवुड गायक कैलाश खेर का जादू चला। देवरिया से लेकर उत्तर प्रदेश की संस्कृति और धार्मिक गीतों का संगम उनकी प्रस्तुतियाें में झलका।
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अपार भीड़ ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। कैलाश खेर ने मंच पर जैसे ही माइक संभाला, युवा खुशी से झूम उठे। उनका पहला गीत देवरियावासियों के लिए समर्पित रहा। उनके गीत-तौबा-तौबा ये देवरिया सूरत..पर युवक उनके साथ ताल से ताल मिलाकर अपनी जगह पर थिरकते नजर आए।
उन्होंने अगला बाॅलीवुड गीत प्रस्तुत किया। कैसे बताएं दिल तुमको चाहे...पर लोगों ने सुर से सुर मिलाया। उनके गीत और साज के साथ आवाज देने की अपील पर भीड़ में मौजूद लोग भी उनके साथ गुनगुनाए। वह अपने गीतों के बीच-बीच में देवरिया और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का जिक्र करते रहे।
कहा कि उत्तर प्रदेश एक ऐसा प्रदेश है, जिसको हम सनातन प्रदेश कहते हैं। कारण यह कि परमात्मा ने यहीं जन्म लिया है। उत्तर प्रदेश ही एक ऐसा प्रदेश है, जिसने देश को सात प्रधानमंत्री दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के एक-एक महत्व को बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश में है।
कहा कि विश्व में जो पहली नगरी महादेव ने बसाई वह भी उत्तर प्रदेश में। इसी प्रदेश में जन्मे हैं संत अमीर खुसरो। इसी प्रदेश में एटा, टुंडला, आगरा। एटा के पटियाली गांव में संत जन्मे अमीर खुसरो के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने गीत गाया- वो पिया-वो पिया, रंग दीनी-रंग दीनी, पिया के रंग दीनी ओढ़नी....प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद- तेरे बिन नहीं लगदा दिल मेरा ढोलना...गीत सुनाया तो श्रोताओं ने उनके सुर में सुर मिलाया। उन्होंने जय-जयकारा, जय जयकारा स्वामी देना साथ हमारा...गीत सुनाकर श्रोताओं को नाचने पर विवश कर दिया।
इसके बाद कौन है कौन वो कहां से वो आया....सुनाया। इसी क्रम में भगवान भोले को समर्पित श्लोक सुनाया। उन्होंने इश्क जो तू हद से बढ़ जाए, हंसते-हंसते आशिक शूली चढ़ जाए सहित कई गीत सुनाए। उनकी गीत का देर रात तक श्रोताओं ने आनंद उठाया। कार्यक्रम स्थल खचाखच भरा था। कुर्सियां भरी थीं। इसके बाद काफी संख्या में लोग खड़े होकर गीतों का आनंद लिए।
खान-पान के महत्व पर दिया जोर
देवरिया। यहां की मिठाई, घेवर पसंद है। जो खाता है वह गाता है। यह परमात्मा का वरदान है। इस तरह उन्होंने देवरिया और उत्तर प्रदेश की खूब चर्चा की और अपने गीतों में इसकी प्रस्तुति भी की। उन्होंने देवरिया महोत्सव के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन व डीएम के कार्यों की सराहना की। इस दौरान सभी प्रशासनिक अधिकारी और काफी संख्या में श्रोता मौजूद थे।