चनुकी। लार क्षेत्र के रामनगर में रविवार को जलसा दस्तारबंदी का आयोजन किया गया, जिसमें हिफ्ज़ पूरी कर चुके नौ बच्चों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया। उन्हें हाफिज की उपाधि प्रदान की गई। जलसे की शुरुआत मौलाना मोहम्मद रजा ने कुरान की तिलावत से की। इसके बाद नाते मुस्तफा का सिलसिला चला फिर तकरीर शुरू हुई। इस दौरान मौलाना कमाल अहमद ने कहा कि आज के दौर में पढ़ाई बहुत जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों को आप जरूर पढ़ाएं दीन के साथ-साथ दुनिया की शिक्षा भी जरूरी है ताकि बड़ा होकर आप का बच्चा सही और गलत में फर्क समझ सके। अच्छे और बुरे का उसे एहसास हो। एक व्यक्ति ये सब तभी जान सकता है जब वह शिक्षित होगा।
उन्होंने कहा कि इस्लाम में शिक्षा को बहुत महत्व दिया गया है और आज हमारी ही कौम शिक्षा में सबसे पीछे है शिक्षा के बारे में हमारे नबी मोहम्मद साहब से कहा कि अगर शिक्षा लेने के लिए तुम्हे चीन भी जाना पड़े तो जाओ लेकिन इल्म हासिल करो।
कार्यक्रम के दौरान मोहम्मद सईद अख्तर, मौलाना अशफाक अहमद, मौलाना शफ़ीक अहमद, मुफ़्ती अफजल हुसैन, हाफिज मोहम्मद रज़ा, वाहिद रजा, मौलाना अब्दुर्रहमान, कारी गुलाम आसी, इम्तियाज अहमद, वकील अहमद, सईद अहमद, अजहर हुसैन, इम्तियाज अहमद, मनउवर अंसारी मौजूद रहे। संवाद