देवरिया। जिला कारागार में बंद पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर ने अपना अनशन स्थगित कर दिया है। उधर, शनिवार को सीजेएम कोर्ट में विवेचक केस डायरी के साथ हाजिर हुए। अब जमानत पर अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी।
उसी दिन रिमांड पर भी सुनवाई होगी। कोर्ट ने अमिताभ ठाकुर की मांग पर शाहजहांपुर के डीएम-एसपी को गिरफ्तारी का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
शहर के पुरवां इंडस्ट्रियल एस्टेट में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम में हेराफेरी कर जमीन आवंटित कराने के आरोपों का सामना कर रहे अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई।
इसमें बचाव पक्ष ने कोर्ट में अपनी दलीलें प्रस्तुत की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी और अभिषेक शर्मा ने बताया कि जमानत पर सुनवाई के दौरान अमिताभ ठाकुर ने भी अपनी बात रखी। इसमें गिरफ्तारी के स्थान और इसके आसपास के वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं कराने की बात कही। उन्होंने नियमों के उल्लंघन का भी पुलिस पर आरोप लगाया। अमिताभ ठाकुर की मांग पर कोर्ट ने शाहजहांपुर के डीएम व एसपी से गिरफ्तारी के समय का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखने को कहा।
इसके बाद अमिताभ ठाकुर ने अपना अनशन स्थगित कर दिया। अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी व अभिषेक शर्मा ने कोर्ट में कहा कि इसी मामले में उर्वशी शर्मा द्वारा लखनऊ में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में वहां के कोर्ट ने केस को सिविल नेचर का मानते हुए खारिज कर दिया था। यह केस वहां राजस्व कोर्ट में लंबित हैं।
इसी प्रकरण में देवरिया में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर अमिताभ ठाकुर का गिरफ्तार किया गया था। यह कैसे संभव है? अधिवक्ता ने बिना पर्याप्त आधार के गिरफ्तारी कर न्यायिक हिरासत में रखने का विरोध करते हुए जमानत दिए जाने की मांग की।