धान की रोपाई के बाद वर्षा के अभाव में भाटपार रानी क्षेत्र में सूखती धान की फसल,
रामपुर बुजुर्ग। क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिन किसानों ने पंपसेट के सहारे खेतों में धान की रोपाई की थी, उनके खेतों में अब नमी की कमी के कारण धान की पौध सूखने लगी है। कई खेतों की मिट्टी में दरारें पड़ गई हैं।
किसानों का कहना है कि रोपाई के समय अच्छी बारिश की उम्मीद थी, मगर मौसम की बेरुखी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लगातार पंपसेट चलाकर सिंचाई करना आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है। यदि अगले दो-तीन दिन में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
जंजीरहा के किसान वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पंपसेट से धान की रोपाई तो कर दी, लेकिन अब बारिश नहीं होने से फसल बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। डीजल पर लगातार खर्च बढ़ रहा है।
प्रताप छापर के किसान कृष्णमोहन मिश्र ने कहा कि बारिश के भरोसे धान की खेती होती है। इस बार रोपाई के बाद पानी नहीं मिलने से खेत सूख रहे हैं। मजबूरी में महंगा डीजल खरीदकर खेत में पानी भरना पड़ रहा है। महुअई के किसान किशुन सिंह ने बताया कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो धान के पौधे सूख जाएंगे।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान की शुरुआती अवस्था में पर्याप्त नमी आवश्यक होती है। समय पर बारिश नहीं होने पर उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है।