देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश राम मिलन सिंह के मार्गदर्शन में अपर जिला जज व सचिव मनोज कुमार तिवारी ने बाल संप्रेषण गृह गोरखपुर का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान पाकशाला में रखे आटे में कीड़े पाए गए। सचिव ने व्यवस्थापक से पूछा कि क्या आप यह आटा खुद अपने लिए उपयोग करेगें, जिस पर व्यवस्थापक कोई उत्तर न दे सका। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त कर उसे व्यवस्थित करने के लिए निर्देश दिए।
वहीं, संप्रेक्षण गृह की क्षमता 100 के अनुरूप 257 बालक गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और अन्य जनपदों के रहने वाले पाए गए। जनपद देवरिया के 71 बच्चे बाल संप्रेषण गृह में अनुपयुक्त स्थानों पर रहने के लिए मजबूर थे। कमरों में बच्चों का अनुपात बहुत अधिक था।
इसके कारण बाल संप्रेषण गृह परिसर में बहुत ज्यादा गंदगी पाई गई। बाथरूम के पास रखे डस्टबिन से बहुत बदबू भी आ रही थी। बाथरूम भी गंदा था। कुछ बच्चों में चर्म रोग से संबंधित बीमारी भी पाई गई। इसके लिए कड़ी नाराजगी व्यक्त कर उसे व्यवस्थित करने के लिए व्यवस्थापक को कठोर दिशा-निर्देश दिया।