हाईस्कूल का अंकपत्र फर्जी मिला, प्रधानाध्यापिका बर्खास्त
एसटीएफ की जांच में पुष्टि होने पर बीएसए ने दिखाया सेवा से बाहर का रास्ता
देवरिया सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सोंदा में है तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फर्जी शिक्षक भर्ती मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने देवरिया सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सोंदा की प्रधानाध्यापिका के हाईस्कूल के अंक एवं प्रमाण पत्र के फर्जी होने की पुष्टि की है। कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद भी शिक्षिका ने अपना पक्ष नहीं रखा। बृहस्पतिवार को बीएसए ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।
जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के मामले में जमकर हुए फजीवाड़े की पोल अब धीरे-धीरे खुल रही है। फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर पिछले दो वर्षों में अब तक 35 शिक्षकों को यहां पर बर्खास्त किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को इस सूची में एक और नाम जुड़ गया। सदर क्षेत्र के सोंदा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रीता मिश्रा पुत्री विश्वंभरनाथ मिश्र के हाईस्कूल वर्ष 1986 अनुक्रमांक 0775030 के अंक पत्र व प्रमाण पत्र कूटरचित ढंग से तैयार किए जाने की बात एसटीएफ एवं विभागीय जांच में सही साबित हुई है। रीता मिश्रा ने सलेमपुर के बापू इंटर कॉलेज से हाईस्कूल पास किया था। इनके प्रमाण पत्रों की जांच एसटीएफ की ओर से कराई जा रही थी। जांच एजेंसी ने पहले कॉलेज प्रशासन और उसके बाद अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ.प्र. के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी से इस संबंध में विशेष वाहक के जरिए इस प्रमाण पत्र के संबंध में आवश्यक जानकारी मांगी थी। बीते 29 फरवरी को क्षेत्रीय कार्यालय के सत्यापन आख्या के अनुसार हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 1986, अनुक्रमांक 0775030, जन्मतिथि पांच सितंबर वर्ष 1974 पर कुमारी रीता पुत्री रमाकांत पांडेय का नाम अंकित है। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि उक्त शिक्षिका को नोटिस जारी की गई थी, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा। ऐसे में उनके प्रमाण पत्र कूटरचित ढंग से तैयार किए जाने की पुष्टि हुई है। एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापिका को उप्र सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली तथा अध्यापक सेवा नियमावली के तहत सेवा से बर्खास्त किया जाता है। इस संबंध में उनके खिलाफ बीईओ को विधिक कार्रवाई करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।