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भर्ती युवक की रिपोर्ट निगेटिव

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चार दिनों से जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती था युवक
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स्वास्थ्य महकमा ने ली राहत की सांस, युवक को किया गया डिस्चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वायरस के संदेह में जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती युवक की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। बुधवार की देर रात बीएचयू से जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत की सांस ली। बृहस्पतिवार को सुबह युवक को डिस्चार्ज कर दिया गया।
लार नगर के एक वार्ड का रहने वाला युवक ओमान से आया था। घर आने पर उसे बुखार और पेट में दर्द शुरू हो गया। लार सीएचसी पर इलाज के लिए पहुंचा तो डॉ. बीबी सिंह ने उसकी घबराहट को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल आने पर रैपिड रेस्पांस टीम ने स्क्रीनिंग की और संदेह होने पर आइसोलेशन वार्ड में 15 मार्च को भर्ती कर लिया। युवक का सैंपल जांच के लिए बीएचयू भेजा गया। जिला अस्पताल में जांच के दौरान युवक को टाइफाइड होने की पुष्टि हुई, जबकि आइसोलेशन वार्ड में युवक रहना नहीं चाहता था कई बार भागने का प्रयास भी किया। लेकिन पुलिस की मदद से स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे जबरन भर्ती किया था। सीएमओ कार्यालय को रात करीब 11 बजे बीएचयू से जांच रिपोर्ट आई और कोरोना वायरस निगेटिव होने की पुष्टि हुई। हालांकि, 13 मार्च को ओमान से भारत आने के दौरान युवक की दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग हुई थी, जिसमें स्वस्थ बताया गया था। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि बीएचयू से आई रिपोर्ट निगेटिव है। चिंता की कोई बात नहीं है। युवक को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
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इनसेट
पांच और जिले में आए बाहरी देश से लोग
देवरिया। जिले में बृहस्पतिवार को पांच और लोगों के आने की सूची स्वास्थ्य विभाग को मिली है। सीएमओ कार्यालय से टीम इन लोगों की स्क्रीनिंग के लिए भेज दी गई है। इसके अलावा सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि आशा और एएनएम के जरिए पता कर स्क्रीनिंग करने के निर्देश सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने दिए हैं।
इनसेट
आइसोलेश वार्ड का प्रभारी मंत्री ने जाना हाल
देवरिया। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड का हाल जिले के प्रभारी मंत्री श्रीराम चौहान ने जाना। कोरोना वायरस को लेकर डॉक्टरों से वार्ता की और सतर्क रहने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल में लोगों की भीड़ देख नाराजगी जाहिर की और इलाज के दौरान सावधानी और भीड़ को सिस्टम से अस्पताल में दाखिल होने के निर्देश दिए।
इनसेट
अस्पतालों में नहीं है मास्क, डॉक्टर कर्मचारी परेशान
देवरिया। जिला अस्पताल और सीएचसी, पीएचसी पर मास्क नहीं है। अस्पतालों में डॉक्टर और कर्मचारी बिना मास्क लगाए काम कर रहे हैं। बाजार के प्राइवेट दुकानों पर भी मास्क और सेनिटाइजर नहीं मिल रहा है। सीएमओ कार्यालय से मास्क और सेनिटाइजर के लिए डिमांड भेजी गई है, लेेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं हो सका है।
फोटो समाचार
एक लाख रुपये रोजाना घट रही रेलवे की आय
प्रतिदिन चार सौ यात्री टिकट करा रहे वापस, सामान्य टिकट काउंटर से भीड़ नदारद
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। कोराना वायरस का असर रेलवे पर भी दिखने लगा है। ट्रेनों में भीड़ कम हो रही है। जनरल टिकट काउंटर खाली चल रहे हैं। पीआरएस काउंटर पर टिकट वापसी की लाइन लगी है। रोजाना करीब चार सौ रेल यात्री अपने टिकट वापस करा रहे हैं। इसके चलते रेलवे को प्रतिदिन एक लाख की चपत हो हो रही है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में भीड़ कम हो रही है। सवारी गाड़ियों में केवल स्थानीय यात्री यात्रा कर रहे हैं। करीब एक सप्ताह से आरक्षित रेल काउंटर पर केवल टिकट वापसी की लाइन लग रही है। बुधवार को स्थानीय रेलवे काउंटर से 92 टिकट वापस किए गए। मंगलवार को 60 हजार रुपये व बुधवार को 56 हजार के आरक्षित टिकट वापस किए गए। केवल पीआरएस से ही 60 हजार रुपये के रोजाना टिकट वापस हो रहे हैं। कभी-कभी तो यात्रियों को रकम वापस करने के लिए धन दूसरे मद से व्यवस्था करनी पड़ रही है। जनरल टिकट काउंटर खाली रहने से करीब 30 हजार का रोजाना नुकसान हो रहा है। आरक्षित व जनरल काउंटर रेलवे की रोजाना करीब एक लाख रुपये का आय का नुकसान हो रहा है। वहीं, रेलवे स्टेशन पर खान-पान की दुकान चला रहे मिंटू दीक्षित ने बताया कि यात्रियों के घटने से उनकी दुकान प्रभावित हो रही है। अगर यही हाल रहा है एक दो दिन देखने के बाद दुकान बंद करनी पड़ेगी। इस बाबत वाणिज्य अधीक्षक पंकज कुमार ने बताया कि यात्रियों के टिकट निरस्त कराने से करीब एक लाख की प्रतिदिन आय घट गई है।
बचाव के लिए जागरूक करेंगे भाजपाई
भटनी। नगर के जलपा माता मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। बैठक में मंडल प्रभारी बनाए गए भानु प्रताप सिंह और जिला कार्यसमिति में सदस्य चुने गए विनोद दीक्षित व हरिहर पासवान का स्वागत किया गया। इसके अलावा कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने की सहमति बनाई गई। मंडल अध्यक्ष योगेश प्रजापति ने कहा कि सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही इससे लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता भी है। उन्होंने सेक्टर और बूथ स्तर के सदस्यों से निवेदन किया कि वे खुद मास्क का प्रयोग कर अपने क्षेत्र व गांव में लोगों को जागरूक करें। इस दौरान शैलेंद्र मिश्र, प्रेम खरवार, विशम्भर नाथ तिवारी, शिवमंगल सिंह, अभय तिवारी, विजय शंकर, शेषनाथ मिश्र, रामअवतार कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
फोटो समाचार
रुद्रपुर में कोचिंग सेंटर छोड़कर भागे संचालक
संस्थान खुले तो जेल जाएंगे संचालक : एसडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। कोरोना का संक्रमण रोकने को लेकर सरकारी आदेश पर निजी संस्थान और कोचिंग सेंटर चलाने वाले पानी फेर रहे हैं। रुद्रपुर नगर में कई बार चेतावनी देने के बाद भी बृहस्पतिवार को कोचिंग सेंटर खुले रहे। एसडीएम ने नगर के कई कोचिंग सेंटर और स्कूलों पर छापेमारी की तो संचालक कोचिंग सेंटर छोड़कर भाग निकले। उन्होंने वहां मौजूद छात्रों को दो अप्रैल तक घर रहने की नसीहत दी।
एसडीएम ओमप्रकाश सुबह दस बजे बस स्टेशन स्थित कन्या इंटर कॉलेज के पास दो कोचिंग सेंटरों की जांच करने पहुंचे। उनकी गाड़ी पहुंचते ही कक्षा छोड़कर छात्र और अध्यापक भागने लगे। उन्होंने छात्रों को रोकर कोरोना के संक्रमण की गंभीरता को समझाया। वहीं, एक अंग्रेजी सिखाने वाले संस्थान के संचालक को जवाब तलब किया। वह पश्चिमी बाईपास पर कौशल विकास योजना के तहत संचालित केंद्र की जांच करने पहुंचे। यहां दो दिन से प्रशिक्षण लेने वालों की भीड़ जुट रही है। संस्थान में कक्षाओं का संचालन देख उन्होंने नाराजगी जताई। संस्थान के संचालक को पूरे कर्मचारियों के साथ तलब किया। प्रशिक्षण ले रही छात्राओं को घर रहने की नसीहत दी। कहा कि कोरोना भारत में तीसरे स्टेज में चल रहा है। अब उसके समाज में फैलने का खतरा है। ऐसे में जरूरी एहतियात बरतकर इसके प्रकोप से बचा जा सकता है। उन्होंने नगर में चलने वाले व्यायाम शालाओं को बंद करने और मंदिर मस्जिद में कम लोगों के जुटने की अपील की। कोचिंग सेंटर और स्कूल खुले तो संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फोटो समाचार
बिना सेनिटेशन के तहसील कार्यालय में प्रवेश वर्जित
रुद्रपुर। तहसील प्रशासन कोरोना की रोकथाम को विशेष एहतियात बरत रही है। यहां किसी भी अधिकारी के चेंबर में बिना सेनिटेशन के प्रवेश नहीं हो पा रहा है। एसडीएम तहसीलदार से मिलने वालों को पहले सेनिटाइजर से हाथ धोकर जाना पड़ रहा है। एसडीएम के चेंबर के बाहर अर्दली लोगों के हाथ पर सेनिटाइजर गिराकर पहले उन्हें सेनिटाइज कर रहा है।
फोटो समाचार
बरहज रेल आरक्षण केंद्र पर सन्नाटा
मुंबई, दिल्ली और चेन्नई का आरक्षण टिकट कैंसिल करा रहे यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के लिए सरकार लोगों से एहतियात बरतने की अपील कर रही है। कोरोना का अलर्ट इस कदर है कि कंप्यूटरीकृत रेल आरक्षण केंद्र पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जबकि यात्री मुंबई, दिल्ली और चेन्नई के लिए पूर्व में कराए गए टिकट कैंसिल करा रहे हैं। इससे विभाग को नुकसान हो रहा है।
आरक्षण केंद्र पर सुबह से टिकट के लिए देखी जाने वाली यात्रियों की भीड़ बृहस्पतिवार को नहीं के बराबर रही। आरक्षण केंद्र से महज 52 टिकट बनाए गए। जबकि भैया फुलवरिया निवासी श्रीराम शर्मा, मिर्जापुर के समीर खां देवरिया से मुंबई, पटेल नगर के मनोज विश्वकर्मा बनारस से चेन्नई, चंदन कुमार गिरी दिल्ली, फुलवरिया पांडेय के उदयभान सूरत सहित 22 यात्रियों ने अपने टिकट कैंसिल कराए। बुकिंग क्लर्क वीरबहादुर सिंह यादव ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए लोग अपने टिकट रद्द करा रहे हैं। करीब 25 हजार रुपये के टिकट की बिक्री हुई है।
जागरूकता जरूरी, जागरूक करने का दावा हवा-हवाई!
प्रचार-प्रसार मद का पैसा पचा गए अधिकारी, महामारी आई तो ठनका माथा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। लोगों में कोरोना को लेकर दहशत का माहौल है। केंद्र और प्रदेश सरकार कोरोना को आपदा घोषित कर दिया गया है। उधर प्रचार-प्रसार का पैसा कमोवेश सभी विभाग के अधिकारी पचा गए हैं। उन्होंने महोत्सव एवं विकास खंडों पर होने वाले स्वास्थ्य मेले के नाम पर अपना पैसा लुटा दिया। अब आपदा घोषित होने पर ऐसे अधिकारियों को जांच का भय सताने लगा है। किसके आदेश में विभागों का पैसा लुटा दिया गया। इसका जवाब विभागीय अधिकारियों के पास नहीं है। इसकी शिकायत प्रभारी मंत्री श्रीराम चौहान से की गई है।
कोरोना जैसी महामारी पैदा होने के बावजूद लोगों को जागरूक करने का कोई अभियान विभागीय स्तर पर नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य महकमे की हालत सबसे खराब है। अस्पतालों में कहीं मास्क की कमी है तो कहीं सेनिटाइजर गायब है। उधर, कई विभागों के अधिकारी कोरोना को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। बजट नहीं होने का रोना अधिकारी रो रहे हैं। अधिकारियों ने स्वास्थ्य मेले के नाम पर अपने विभाग का तकरीबन बीस से 25 हजार रुपये लुटा दिए। इसमें स्वास्थ्य विभाग सबसे आगे रहा, जिसने तकरीबन 30 से 35 लाख रुपये ट्रेनिंग, महोत्सव एवं मेले के नाम पर खर्च किया है। कोरोना आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सिर पकड़ कर बैठे हैं कि कैसे जागरूकता अभियान संचालित कराएं, जब पैसे ही नहीं हैं। वैसे भी कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अधूरी हैं। आइसोलेशन वार्ड बनाया तो गया है लेकिन गद़दे पुराने बिछाए गए हैं। ब्लीचिंग पाउडर घोल का कहीं छिड़काव नहीं हो रहा है। अस्पताल के चारों तरफ गंदगी है। नगरपालिका क्षेत्र में दोपहर तक कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। कूड़े के ढेर जगह-जगह लगे हुए हैं। सावधानी एवं स्वच्छता की जरूरत बरतने की आवश्यकता होने के बावजूद भी न तो सफाई की जा रहीं है न ही छिड़काव किया जा रहा है। कोरोना के महामारी घोषित होने के बावजूद भी ग्रामीण अंचल में प्रचार-प्रसार का टोटा है। सूत्रों का कहना है कि जिला पंचायत राज, स्वास्थ्य विभाग, विकास विभाग सहित 10 से अधिक विभागों ने प्रचार-प्रसार के बजट का भुगतान डूडा और एक टेंट मालिक को किया जा रहा है। ऐसा क्यों हुआ यह बताने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है।
जांच में फंस सकती है अफसरों की गर्दन
देवरिया। कोरोना महामारी पैदा होने पर विभागों की पोल जांच में खुल सकती है। जो पैसा प्रचार-प्रसार में खर्च होना चाहिए वह एक टेंट कारोबारी और डूडा को भुगतान कर दिया गया है। ऐसा किसके आदेश पर किया गया, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। कोरोना के बाद अब इस बात की पोल खुलने लगी है। अधिकारी खुद कहने लगे हैं कि जांच होगी तो उनका दामन फंस सकता है। टेंट कारोबारी के खाते पर गौर करें तो कई विभागों का बीस से 24 हजार का चेक जमा किया गया है। कुछ लोगों ने तो खाते का पूरा विवरण निकाल लिया है। भुगतान की खेल के मुद्दे पर कोई अधिकारी जुबान खोलने से परहेज कर रहे हैं। पीओ डूडा विनोद कुमार मिश्र कहते हैं कि कुछ विभागों का चेक जरूर आया है। लेकिन विभागों ने भुगतान किसके नाम पर किया है हाल ही में आया हूं। इसलिए मुझे अभी नहीं पता। उधर, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय का कहना है कि मेले के नाम पर पेमेंट जरूर हुआ है। बजट की कमी की वजह से प्रचार-प्रसार तेजी नहीं पकड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा कार्यकर्ता गांव-गांव में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। कोरोना से निपटने की पूरी तैयारी है। अभी तक कोई मरीज नहीं पाया गया है।
कोट:
डूडा को स्वास्थ्य मेले में व्यवस्था का दायित्व सौंपा गया था। प्रचार-प्रसार मद का पैसा किस-किस विभागों ने डूडा को भुगतान किया है। इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। जहां तक जागरूकता का सवाल है, सभी नगरपालिकाएं और नगर पंचायत अपने स्तर से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इनके पास बजट भी है।
-राकेश पटेल, एडीएम प्रशासन एवं प्रभारी अधिकारी डूडा।
फोटो समाचार
जनता दर्शन बंद, ह्वाट्सएप से सुनी जाएंगी शिकायत
समाधान दिवस और संपूर्ण समाधान दिवस भी हुआ बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वायरस को देखते हुए जनता दर्शन का कार्य बंद कर दिया गया है। लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए एसपी ने ह्वाट्सएप नंबर जारी किया है। हालांकि, तमाम लोगों को इससे परेशानी हो सकती है।
शासन ने भीड़ वाली जगहों से लोगों को बचने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नोवेल कोरोना वायरस को देखते हुए किया जा रहा है। भीड़ की वजह से ही शासन ने समाधान दिवस और संपूर्ण समाधान दिवस को बंद कर दिया है। इसके साथ ही डीएम और एसपी के कार्यालय में जनता दर्शन के कार्यक्रम को भी बंद कर दिया गया है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बृहस्पतिवार को कार्यालय के बाद सूचना चस्पा करा दिया। इस पर लिखा गया है कि नोवेल कोरोना वायरस को देखते हुए जनता दर्शन का कार्यक्रम बंद कर दिया गया है। लोग अपनी शिकायतें ह्वाट्सएप नंबर पर भेजेंगे। उनकी गंभीरता से सुनवाई की जाएगी। हालांकि यह सिस्टम उन लोगों के लिए दुखदाई हो सकता है जो सोशल साइट्स से दूर रहते हैं। ऐसे लोग सीयूजी नंबर पर फोन कर अपनी समस्या बता सकेंगे। इस बाबत एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि शासन के निर्देश पर ऐसा किया गया है। नोवेल कोरोना वायरस के प्रकोप के कम होने पर दोबारा यह शुरू हो जाएगा।
प्रभारी मंत्री ने 200 लोगों के साथ की बैठक
सरकार की उपलब्धियां बताने पहुंचे थे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेेश सरकार जहां स्कूल, कॉलेज, मॉल, शॉपिग कांप्लेक्स बंद करने, भीड़भाड़ से परहेज करने का ढिंढोरा पीट रही है। वहीं, जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृषि उद्यान एवं विपणन श्रीराम चौहान ने तकरीबन 200 कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में बैठक कर सरकार के तीन वर्ष की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष को छोड़ किसी ने मास्क नहीं लगाया था। प्रश्न यह है कि आखिर इनके लिए कोई नियम कानून है या नहीं। समाजवादी, बसपा, कांग्रेस सहित कई दल के नेताओं ने इसकी निंदा की है। कहा है कि पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है और भाजपा के मंत्री अपनी उपलब्धियां गिनाने में व्यस्त हैं।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनहित में विभिन्न प्रकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कार्यकर्ताओं को करना चाहिए। कार्यकर्ता ही पार्टी की मजबूत स्तंभ हैं। योजनाओं का सीधा लाभ जनमानस को मिल रहा है। लोगों में विश्वास पैदा हो रहा है और आगे भी इसको इसे जारी रखने के लिए कार्यकर्ताओं को परिश्रम करना होगा। देश में कोरोना वायरस का प्रकोप है। इसे देखते हुए देश के सभी राज्यों में तैयारी पूर्ण कर ली गई है। इसमें लोगों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। जिला अस्पताल को पूर्ण रूप से सेनिटाइज किया जा रहा है। सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है। जनहित को देखते हुए दो अप्रैल तक सभी शिक्षण संस्थान बंद किए गए हैं। इस दौरान जिलाध्यक्ष डॉ. अंतर्यामी सिंह, विधायक सुरेश तिवारी, काली प्रसाद, जन्मेजय सिंह, जयनाथ कुशवाहा, संजय तिवारी, पूर्व विधायक रविंद्र प्रताप मल्ल, निशिरंजन तिवारी, कृष्णा नाथ राय, जिला उपाध्यक्ष अरुण सिंह, संतोष त्रिगुणायत, अजय शाही, अजय कुमार दुबे, गंगा सिंह कुशवाहा, जिला महामंत्री श्रीनिवास मणि त्रिपाठी, अजय दुबे, रामाशीष प्रसाद मौर्य, रमेश सिंह, सत्येंद्र मणि आदि मौजूद रहे।
फोटो समाचार
वकीलों में वितरित हुआ मास्क
रुद्रपुर। कोरोना वायरस के खिलाफ छिड़ी जंग में समाज के जागरूक लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को नगर के समाजसेवी मनमथ त्रिपाठी ने तहसील बार संघ के वकीलों और तहसील के कर्मचारियों में मास्क वितरित किया। तहसील सभागार में आयोजित मास्क वितरण कार्यक्रम में एसडीएम ओमप्रकाश ने कोरोना रोकने को समाज के जागरूक लोगों को आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस खतरनाक वायरस को जागरूकता फैलाकर हराया जा सकता है। तहसील में पिछले छह दिनों से जागरूकता फैलाई जा रही है। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में अधिकारियों और फरियादियों की सुरक्षा के लिए सेनिटाइजर रखा गया। तहसील में आने वाले हर शख्स के लिए हाथ साफ करने को स्प्रिट का इंतजाम किया गया है। एसडीएम ने समाजसेवी के सहयोग से करीब दो सौ लोगों में मास्क वितरित किए। इस अवसर पर एनटीआर राहुल गुप्ता, बार संघ के अध्यक्ष आनंद सिंह, राजेश मणि, बृजबिहारी पांडेय, धनजंय सिंह, राजेश त्रिपाठी, आनंद मिश्र, शशिभूषण निगम, आनंद शंकर मणि, बालेंदु पांडेय, अशफाक अहमद, शेरू, बलवंत, सतीश गुप्त, कृष्णमूर्ति मणि, विजय नाथ पांडेय, जयनेंद्र शर्मा, संजय सिंह आदि मौजूद रहे।
मूल्यांकन कार्य पर रोक लगाए जाने पर माशिंस ने जताया हर्ष
देवरिया। माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक बृहस्पतिवार को बीआरडी इंटर कॉलेज में हुई। इसमें प्रदेश सरकार की ओर से मूल्यांकन पर रोक लगाने के निर्णय पर धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही सभी शिक्षकों से अपील की गई कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार के साथ ही वह भी आम लोगों को जागरूक करें।
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संगठन के जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि पूरे देश में स्वास्थ्य आपातकाल लागू है। भारत में सरकार प्रत्येक स्तर पर तैयार है। लेकिन बिना सहयोग एवं जन सहभागिता के इस आपदा पर विजय नहीं मिल सकता। संक्रामक रोग फैलने की संभावना को लेकर शिक्षक नेता व विधायक ओमप्रकाश शर्मा और ध्रुव त्रिपाठी ने यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को इससे बचाने के लिए मुख्यमंत्री से मिल स्थगित करने की मांग की थी। सरकार ने संगठन की मांग मान भी ली। जिला मंत्री दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक समाज में अग्रणी भूमिका का निर्वाह करते हैं, इनके ऊपर परिवार के साथ ही समाज की भी जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी को जनजागरण करना होगा और अफवाहों को रोकना होगा। प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य ध्रुवनाथ मिश्र ने कहा कि मौजूदा परिस्थिति में भयभीत न हो, डटकर इसका सामना करें। इस दौरान विजय भारत सिंह, अभिषेक पांडेय, ब्रह्मा सिंह, गोरख गुप्ता, मोहन सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, धर्मेंद्र मौर्य, धर्मेंद्र तिवारी, संजय यादव, अखिलेश नंदन श्रीवास्तव, दिवाकर पाठक आदि मौजूद रहे।
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