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इमरजेंसी में नहीं मिले डॉक्टर, तीमारदारों ने किया हंगामा

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इमरजेंसी में नहीं मिले डॉक्टर, तीमारदारों ने किया हंगामा
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सलेमपुर। पेट दर्द से कराह रही महिला मरीज का आधा घंटे तक इमरजेंसी वार्ड में इलाज नहीं हुआ तो तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में रविवार की सुबह तकरीबन 9.30 बजे कोई डॉक्टर नहीं था, जबकि अस्पताल परिसर के सरकारी आवास में डॉक्टर मौजूद थे। उनसे इलाज करने की बात कही गई तो, वह इमरजेंसी वार्ड के बजाए अपने आवास पर मरीज को बुला रहे थे। इसकी शिकायत तीमारदारों ने सीएमओ से फोन कर की। सीएमओ के निर्देश के बाद पहुंचे सीएचसी के अधीक्षक ने मरीज का इलाज किया। उसके बाद लोग शांत हुए।
कोतवाली थाना क्षेत्र के नदावर गांव निवासी अशोक कुमार गोंड की पत्नी सुभावती देवी के पेट में रविवार की सुबह दर्द शुरू हो गया। आसपास के लोगों की मदद से परिवार के लोगों ने उन्हें सीएचसी पहुंचाया। रविवार होने के चलते ओपीडी बंद थी। इमरजेंसी खुली थी, लेकिन इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर नहीं थे। वहां फार्मासिस्ट सुरेश यादव व वार्ड ब्वाय विवेक पांडेय मौजूद थे। तीमारदारों ने डॉक्टर को बुलाने की बात कही। महिला दर्द से कराह रही थी। महिला के परिवार के एक सदस्य को किसी ने बताया कि अस्पताल परिसर स्थित सरकारी आवास पर डॉक्टर बैठे हैं, उन्हें बुला लीजिए। आरोप है कि मरीज के परिजन जब डॉक्टर के पास पहुंचे और इमरजेंसी वार्ड में चलकर मरीज देखने की बात कही तो डॉक्टर नाराज हो गए और आवास पर ही मरीज को प्राइवेट में फीस देकर दिखाने को कहा। फीस का विरोध करने पर आवास से भगा दिया। इसके बाद तीमारदार इमरजेंसी वार्ड में हंगामा करने लगे। इसकी शिकायत किसी ने सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय से फोन कर दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने सीएचसी के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार को फोन कर तत्काल मरीज का इलाज कराने का निर्देश दिया। उसके बाद सीएचसी प्रभारी इमरजेंसी वार्ड में आए और मरीज को देखा। इसके बाद मामला शांत हुआ। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर नहीं रहने की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है।
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न्यू पीएचसी के आवास में नहीं रहते हैं डॉक्टर
सलेमपुर। डॉक्टर आलोक भारती सीएचसी कैंपस में बने सरकारी आवास में रहते हैं। जबकि इनकी तैनाती न्यू पीएचसी मझौलीराज में है। वहां कर्मचारियों के लिए आवास भी बना है। इसके बावजूद यह न्यू पीएचसी मझौलीराज के बजाए सलेमपुर में निवास करते हैं। यदि एक बजे के बाद कोई इमरजेंसी केस आता है, तो उसे सलेमपुर लेकर ही आना पड़ेगा।
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