फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: स्कूलों के आवंटन में कर दिया खेल, एकल विद्यालयों में भी नहीं भेजे गए शिक्षक

विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के बाद जिले में आए शिक्षकों को विद्यालयों का आवंटन करने में जमकर मनमानी की गई है। इस कार्य में जिम्मेदाराें ने छात्र संख्या को भी दरकिनार कर दिया। ऐसे में आवश्यकता वाले विद्यालय शिक्षकों के आने की राह देखते ही रह गए। साथ ही विभिन्न ब्लॉकों में कई विद्यालय एकल ही रह गए हैं।
विज्ञापन

गौरी बाजार क्षेत्र में तो सबसे बुरा हाल है। यहां के जिन विद्यालयाें में छात्रों की संख्या भी ठीक है, वहां भी किसी की तैनाती नहीं की गई। कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में दो-दो शिक्षकाें को तैनाती दी गई है। ऐसे में स्कूल आवंटन प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है।
अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत जनपद से कुल 327 शिक्षक बाहरी जनपदों को गए हैं, जबकि कुल 67 शिक्षक ही अन्य जनपदों से यहां आए हैं। 327 में 151 शिक्षक पहले ही चले गए, जबकि 69000 भर्ती प्रक्रिया के 176 शिक्षक बाद में शासन से हरी झंडी मिलने के बाद गए हैं। जो 67 शिक्षक बाहर से आए हैं, इसमें छह शिक्षक प्रधानाध्यापक के पद पर एवं 61 शिक्षक विभिन्न ब्लाकों में स्कूल आवंटन प्रक्रिया के तहत दो दिन पहले काउंसिलिंग के बाद भेजे गए हैं।
विज्ञापन


100 से अधिक विद्यालय एकल, शिक्षकों के आने की राह तक रहे विद्यार्थी
जनपद में 100 से अधिक विद्यालय एकल चल रहे हैं। इसमें गौरीबाजार क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मठिया साहू में एकल विद्यालय है। यहां कुल 105 नामांकन हैं। सहायक शिक्षिका साधना का अंतरजनपदीय स्थानांतरण होने के बाद विद्यालय एकल होने के कारण पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। यहीं के प्राथमिक स्कूल मलिया टोला में छात्र संख्या 59 है। प्रर्याप्त शिक्षक होने के बाद भी वहां एक सहायक को भेजा गया है। यहां तीन शिक्षामित्र, एक प्रधानाध्यापक पहले से ही हैं। कंपोजिट विद्यालय पांडेय भिंसवा में दो शिक्षक आए हैं।
इसी तरह कंपोजिट विद्यालय वनसप्ति में छात्र संख्या कम होने के बाद भी दो शिक्षक भेजे गए हैं। आवंटन प्रक्रिया के बाद गौरीबाजार में प्राथमिक विद्यालय गगरा, ककवल, केशोबारी, आनंदनगर, शिव मंदिर टोला एकल ही संचालित हो रहे हैं।

शिक्षक संगठनों ने भी उठाया सवाल
जूनियर शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष हेमा त्रिपाठी, बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने शुक्रवार को बताया कि बाहरी जनपदों से अपने जिले में आए शिक्षकों के स्कूल आवंटन में गड़बड़ी से ही कई जगहों पर इस बार भी कई विद्यालय एकल रह गए हैं। ऑनलाइन एवं लखनऊ से ही आवंटन होने की बात कह जहां पहले से कई शिक्षक हैं, वहीं अन्य शिक्षकों को भी भेज दिया गया है। यह विभागीय चूक है। इससे कई स्कूल जहां नामांकन अच्छा है और शिक्षकों की आवश्यकता है, वह इससे वंचित हो गए।
-
स्कूलों का आवंटन ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत शासन स्तर से ही किया गया। एनआईसी की ओर से जो भी पोर्टल पर विद्यालय प्रदर्शित हो रहे थे, उन्हीं विद्यालयों का आवंटन शिक्षकों में किया गया। एक शिक्षक को छह विकल्प दिए गए थे। पोर्टल पर जनपद के हर विद्यालय की स्थिति शिक्षकों व छात्रों की संख्या प्रदर्शित हो रही है। जनपद के बाहर जाने वाले शिक्षकों की संख्या अधिक और आने वालों की संख्या कम होने से ऐसा हुआ है।
विज्ञापन


-शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें