भाटपाररानी। बनकटा थाना के एक गांव की छेड़खानी की शिकार युवती के हत्या के मामले को आत्महत्या मानकर शनिवार को एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस पर युवती की मां ने पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़ा किया है। उसने कहा कि पुलिस ने मामले को रफा-दफा कर दिया है। अगर बेटी ने आत्महत्या की तो पुलिस यह बताए कि आरोपियों के घर की रस्सी से उसका पैर-हाथ कैसे बंधा था। इस गुत्थी को सुलझाने के पहले ही धारा का अल्पीकरण कर दिया है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है।
बनकटा थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती एक सितंबर को मैरवा थाना क्षेत्र के दासनरहिया गांव के पास रेल ट्रैक से शव मिला था। इस मामले में पुलिस ने गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ हत्या कर केस दर्ज किया था। करीब बाइस दिन बाद इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना को आत्महत्या करार दिया। इसको लेकर पीड़ित परिजनों में आक्रोश है। पीड़िता की मां ने खुलासे को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ी की है। उसने बताया कि अगर मेरी बेटी आत्महत्या की है तो रस्सी से किसने बांधा है। वह रस्सी आरोपियों के छत पर रेगनी बांधी गई थी। आत्महत्या के मामले में आखिरकार जिन लोगों पर छेड़खानी, हत्या, लूटपाट का मुकदमा दर्ज किया गया था उन्हीं को गिरफ्तार क्यों दिखाया गया है। उनकी बेटी आत्महत्या क्यों करेगी। पुलिस के खुलासे पर हमें पहले ही शक था, इसी के कारण हमने मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में शिकायत की थी जिस चीज की आशंका थी वही पुलिस ने कर दिया। अगर वह आत्महत्या करती तो उसका शव दो धड़ में जिस तरह बंटा था उस तरह नहीं मिलता। उसकी सुनियोजित तरीके से हत्या कर शव रेल ट्रैक पर रख दिया गया था कि आसानी से आत्महत्या करार दिया जा सके। इतना ही नहीं पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं की। इससे पहले दर्ज केस में भी पुलिस ने धाराओं का अल्पीकरण कर दिया था। पुलिस के इस रवैये से आरोपियों का मनोबल बढ़ रहा है। इसके बाद भी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
थानाध्यक्ष मुकेश मिश्रा ने बताया है कि घटना की विवेचना अभी चल रही है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। अभी अन्य आरोपी कोई गिरफ्तार नहीं किया गया है।