संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। रुपयों की लालच में एक महिला ने पति के जीते जी आधार कार्ड और अन्य कागजातों में फर्जीवाड़ा कर अपने ससुर की पत्नी बन गई। ससुर से हिस्से की जमीन को उसने दूसरी महिला को बैनामा कर दिया। आपत्ति पर न्यायिक तहसीलदार कोर्ट सलेमपुर से खारिज दाखिल नहीं होने पर पीड़ित ने एसपी से शिकायत की।
सीओ बरहज की जांच में मामला सही पाए जाने के बाद शनिवार को मईल पुलिस ने महिला पर दस्तावेज में कूटरचित कर फर्जी बैनामा करने के आरोप में जालसाजी, फर्जीवाड़ा समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के कुंडौली निवासी मोहन सिंह ने एसपी विक्रांत वीर को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि वह कुंडावल हरि गांव के आराजी नंबर- 87 ग में सह खातेदार है। इसी आराजी की सहखातेदार विगना देवी पत्नी हंसनाथ है।
आधार कार्ड, खतौनी और राजस्व अभिलेख में फर्जी तरीके से अपना नाम विगना देवी पत्नी जंगबहादुर दर्ज कराकर आराजी नंबर- 87 ग में हक व हिस्सा 2 डिसमिल कुंडावल हरि गांव की शकुंतला देवी पत्नी अनिरुद्ध यादव को 14 अगस्त 2024 को बैनामा कर दी, जबकि विगना देवी का वास्तविक हक व हिस्सा एक डिसमिल होता है। विगना देवी के पति का सही नाम हंसनाथ है, जो जीवित हैं और घर पर रहते हैं। बावजूद इसके राजस्व अभिलेख और आधार कार्ड में कूटरचना कर पति के स्थान पर ससुर का नाम जंगबहादुर अंकित कराकर जमीन बैनामा कर दी है। जानकारी होने के बाद सह खाताधारक मोहन सिंह ने न्यायिक तहसीलदार कोर्ट सलेमपुर में आपत्ति की।
सुनवाई के दौरान सात फरवरी को न्यायिक तहसीलदार सलेमपुर कोर्ट ने विगना देवी के बैनामा को गलत बताते हुए ख़ारिज कर दिया। इसके बाद मोहन सिंह ने कूटरचित करने वाली महिला के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को प्रार्थनापत्र सौंपा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी विक्रांत वीर ने इसकी जांच सीओ बरहज को सौंपी। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद शनिवार को एसपी के निर्देश पर मईल पुलिस ने विगना देवी पत्नी हंसनाथ पर जालसाजी, फर्जीवाड़ा समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष मईल कंचन राय ने शनिवार को बताया कि एसपी के निर्देश पर केस दर्ज किया गया है। जालसाजी करने वाली महिला ली तलाश की जा रही है।