लार (देवरिया)। भीखम छपरा में आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या के मामले में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। डीआईजी एस चेनप्पा ने शुक्रवार को गांव वालों के सामने ही लार थाने के प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह, हल्का दरोगा राममूरत राम, आरक्षी चंद्रभान भारती व प्रीतम यादव को निलंबित कर दिया। वहीं पुलिस लाइंस में तैनात इंस्पेक्टर निर्भय कुमार को लार थाने की कमान सौंपी गई है। पुलिस ने आरएसएस कार्यकर्ता की पत्नी अमृता की तहरीर पर गांव के ही छह नामजद और 10 अज्ञात लोगों पर हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कररी ली है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी सहित पुलिस की चार टीमों ने विभिन्न जगहों पर छापे मार रही हैं।
बृहस्पतिवार को भीखम छपरा गांव में बन रही सड़क पर आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी ने अपने घर के सामने स्पीड ब्रेकर बनवा लिया। शाम करीब पांच बजे स्पीड ब्रेकर का विरोध करते हुए गांव के ही दूसरे पक्ष के संजय तिवारी आदि पहुंच गए। दोनों पक्ष में पहले से ही विवाद चला आ रहा था।
आरोप है कि आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की दूसरे पक्ष ने लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी। बृहस्पतिवार की देर रात एसपी अभिजीत आर शंकर ने घटना स्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाईं हैं।
कोट
लार थाना क्षेत्र में हुई घटना अत्यंत ही दुखद है। मामले में शामिल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कोशिश कर रही है। प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी के निलंबन की कार्रवाई की गई है।
-एस चेनप्पा, डीआईजी, गोरखपुर