देवरिया। खुखुंदू थाना क्षेत्र के बरवां उपाध्याय में करीब 14 साल पहले हुई मारपीट में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने छोटेलाल विश्वकर्मा, श्यामनरायन विश्वकर्मा, पप्पू विश्वकर्मा और मुसाफिर को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने पाया कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। घायल और शिकायतकर्ता ने भी अदालत में घटना के आरोपों का समर्थन नहीं किया।
बबलू विश्वकर्मा ने तीन अगस्त 2012 को खुखुंदू थाने में शिकायत दी थी कि दो अगस्त की रात पुरानी रंजिश को लेकर चारों आरोपियों ने लाठी-डंडे से हमला किया। इसमें उसके भाई नन्हे विश्वकर्मा को गंभीर चोट आने की बात कही गई थी।
सुनवाई के दौरान नन्हे विश्वकर्मा और शिकायतकर्ता बबलू विश्वकर्मा ने अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। अदालत ने 21 सितंबर को चारों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
शिकायतकर्ता बबलू विश्वकर्मा के खिलाफ अदालत में झूठी गवाही देने के मामले में अलग कार्रवाई शुरू कर नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है। संवाद