ठेकेदारों की लापरवाही से दुकानों पर नहीं पहुंच रहा खाद्यान्न
देवरिया। राशन की दुकानों पर सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी योजना के तहत खाद्यान्न नहीं पहुंच पा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट में चयनित रामपुर कारखाना विकास खंड में अब तक मात्र दो दुकानों पर ही खाद्यान्न पहुंचा है, जबकि ठेकेदार की लापरवाही से अन्य दुकानों पर नहीं पहुंचा है। समय से खाद्यान्न न पहुंचने पर उसके वितरण को लेकर आपूर्ति विभाग परेशान है।
सरकार द्वारा कोटेदारों को सीधे खाद्यान्न मुहैया कराने के लिए सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी योजना लागू की गई है। इसके तहत रामपुर कारखाना विकास खंड को पायलट प्रोजेक्ट में चयनित किया गया है। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 76 दुकानें हैं। नवंबर माह में वितरित किया जाने वाला खाद्यान्न इन दुकानों पर अक्तूबर में ही पहुंचना है, लेकिन अब तक नगर क्षेत्र की दो दुकानों इरफानुल्लाह, डीडब्ल्यूसीसी पर गेहूं व चावल मिलाकर कुल 139.81 क्विंटल खाद्यान्न ही पहुंचाया गया है। बाकी जगहों पर खाद्यान्न नहीं पहुंचने से कोटेदार परेशान हैं।
इस संबंध में डिप्टी आरएमओ जितेंद्र यादव ने बताया कि राशन की दुकानों पर ठेकेदार द्वारा खाद्यान्न पहुंचाने में लापरवाही की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए संभागीय खाद्य नियंत्रक, संभाग गोरखपुर को पत्र लिखा गया है।
74 दुकानों पर अभी पहुंचना है खाद्यान्न
पायलट प्रोजेक्ट में रामपुर कारखाना विकास खंड को चयनित किया गया है। इन दुकानों पर एफसीआई गोदाम से सीधे खाद्यान्न पहुंचना है। विकास खंड क्षेत्र की 74 दुकानों पर नवंबर में वितरण के लिए 7272.04 क्विंटल खाद्यान्न पहुंचाना है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से नहीं पहुंचा है।
केस दर्ज होने के विरोध में हड़ताल पर गए ठेकेदार
तीन ठेकेदारों पर केस होने के बाद अन्य ठेकेदारों ने सोमवार को ढुलाई करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन मनमानी पर उतर आया है। ऐसा आज तक नहीं हुआ। नियम है कि माल कम होने पर जुर्माना वसूल किया जाए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ठेकेदारों की हड़ताल की वजह से विकास खंडों पर खाद्यान्न नहीं जा सका। जिले में ढुलाई करने वाले ठेकेदारों की संख्या 11 के करीब है। उधर, डिप्टी आरएमओ जितेंद्र यादव का कहना है कि ठेकेदारों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर नहीं माने तो वैकल्पिक इंतजाम किया जाएगा।