संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/एकौना। दो दिन गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में ठहराव के बाद सोमवार को फिर से गोर्रा का जलस्तर में 10 सेमी बढ़ोतरी हुई। गोर्रा और राप्ती नदियों के जलस्तर में पूरे मानसून उतार-चढ़ाव से बांधोंं पर खतरा बरकरार है। गोर्रा नदी 70.10 मीटर और राप्ती नदी 69.65 मीटर पर बह रही थी। नदियों के जलस्तर में पल-पल बदलाव से बांधों की हालत दयनीय बनी है। वहीं नदी और बंधे के बीच में फंसी करीब सौ एकड़ की खेती बर्बाद हो गई। गोर्रा नदी पिड़रा पुल के एप्रोच के अलावा पिड़री, सिलहटा, नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव के नजदीक खतरनाक ढंग से कटान कर रही है। नदी आबादी से सट कर बह रही है। मानसून लौटने के समय जलस्तर के घटने और बढ़ने से तटवर्ती गांव के लोग भय में है। खेती योग्य भूमि को काट कर बंधे के समीप पहुंची राप्ती नदी केवटलिया, गायघाट और भेड़ी गांव की घनी आबादी को प्रभावित कर सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, गायघाट गांव को बचाने के लिए नदी की धारा मोड़ने की योजना धरातल पर कारगर साबित नहीं हुई। यहां कटान रोकने को बोल्डर पिचिंग लगा है। सितंबर महीने के अंतिम में नदी के जलस्तर में आए उफान से कछार और दोआबा के लोग परेशान हैं।