रुद्रपुर में बाढ़ का संकट गहराया, पिड़रा भुसवल बांध पर कटान तेज
रुद्रपुर। गोर्रा नदी के गुर्राने से रुद्रपुर में बाढ़ संकट गहराता जा रहा है। लाल निशान की ओर तेजी बढ़ रही गोर्रा तटबंधों को काटना शुरू कर दी है। पिड़रा भुसवल बांध पर कटान शुरू हो जाने से यहां छह करोड़ की बाढ़रोधी परियोजना बेकार साबित होने लगी है। नदीं के वेग से बांध कट कर पानी में गिर रहा है। यहां बांध कटा तो कछार के 64 गांव सहित नगर में भी पानी घुस सकता है।
रविवार को गोर्रा नदी का जलस्तर 30 सेमी बढ़कर 69.65 मीटर पर पहुंच गया। यह नदी लाल निशान से सिर्फ 85 सेमी नीचे रह गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पिड़रा भुसवल बांध पर दबाव है। बांध पर मुसवल गांव के पास कटान शुरू हो जाने से कछार के 64 गांवों के लोगों के होश उड़े हैं। बांध को काट रही नदी को रोकने के लिए बांध पर लगे वृक्षों को काट कर पानी में डाला जा रहा है। यहां से सटे छह करोड़ की बोल्डर पिचिंग परियोजना कटान रोकने में नाकाम साबित हो रही है। नदी के कटान शुरू कर देने से काटनरोधी कार्य बेमतलब साबित हो रहा है। यहां बांध कटा तो भुसवल, मांगाकोरड़, श्रीनगर कोल्हुआ, जोगिया, गोनाह सुरतपुरा, सिलहटा, पिड़रा, गौनरिया सहित 64 गांवों में कोहराम मचना तय है।
इस बाबत सिंचाई विभाग के एसडीओ दीनदयाल दूबे ने कहा कि अभी सारे बांध सुरक्षित हैं। कटान स्थलों पर युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग का कार्य चल रहा है। बांध पर कोई खतरा नहीं है।
बांध कटा तो घेरेंगे डीएम का बंगला: खोखा सिंह
रुद्रपुर। पूर्व विधायक खोखा सिंह ने कहा कि कछार और दोआबा पर बने तटबंधो पर करोड़ों रुपया पानी में बहाया जा रहा है। यहां पिड़री और भुसवल के पास गोर्रा नदीं भीषण कटान कर रही है। कटान रोकने में बाढ़खंड बेबस है। बाढ़ निरोधी परियोजना का ठीक से खाका तैयार नहीं होने से वह किसी काम की नहीं है। कटान की यही गति रही तो भुसवल के पास भीषण तबाही मचेगी। यदि बांध कटा तो सपा बाढ़ पीड़ितों को लेकर डीएम का बंगला घेरने को मजबूर होगी।