खतरे के निशान से ऊपर पहुंची सरयू नदी, बाढ़ चौकियां अलर्ट पर
बरहज। सरयू नदी में पिछले करीब एक सप्ताह से सैलाब उमड़ आया है। नदी के जलस्तर में निरंतर बढ़त दर्ज की जा रही है। पिछले करीब 24 घंटे में नदी खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर बह रही है। बढ़ते जलस्तर से अधिकारियों की नींद उड़ गई है। प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
रविवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 25 सेमी ऊपर 66.75 पर बह रही है। पानी खेतों के रास्ते तेजी से चारों ओर फैल रहा है। सरयू और राप्ती में बाढ़ आने से भदिला प्रथम मैरुंड हो गया है। वहीं बाढ़ का पानी कुवाइच टोला, कटइलवा, मठियां, नौकाटोला, बेलडॉड आदि गांवों की ओर बढ़ रहा है। रामजानकी मार्ग के निकट मेहियवां गांव के समीप नदी दबाव बना रही है। जिससे कुछ जगहों पर कटान की संभावना प्रबल हो गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। डूब रहे खेतों के चलते मवेशियों के लिए चारा का संकट गहराने लगा है। प्रशासन ने चारों तरफ से मैरुंड हो चुके भदिला अव्वल गांव में आवागमन के लिए एक नाव लगाया है। जबकि 12 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। फिलहाल हालात सामान्य हैं।
तुर्तीपार रेगुलेटर पर खतरे के निशान से 18 सेमी नीचे है सरयू नदी
भागलपुर। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के चलते सरयू नदी में लगातार तीसरे दिन रविवार को भी नदी में बढ़ाव जारी रहा। तुर्तीपार रेगुलेटर पर दोपहर 3 बजे नदी का जलस्तर 64.12 मीटर दर्ज किया गया। नदी प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है। इससे तटवर्ती इलाकों के लोगों में दहशत व्याप्त है। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के अनुसार, तुर्तीपार हेड पर नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ाव हो रहा है। उस पर नजर रखी जा रही है।
तुर्तीपार रेगुलेटर पर खतरा का निशान 64.30 मीटर है। नदी 64.12 मीटर पर पहुंच गई है। जो खतरे के निशान से 18 सेमी नीचे है। विभाग की लापरवाही से भागलपुर मईल मार्ग बंधे पर जगह-जगह छेद हो गए हैं। छित्तूपुर रेगुलेटर पर मरम्मत का कार्य नहीं होने से नदी का पानी रिहायशी इलाके की ओर तेजी से फैल रहा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर 25 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के जूनियर इंजीनियर ने बताया कि बारिश की वजह से नदी में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।