रुद्रपुर/एकौना। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीदारी अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। रुद्रपुर में किसानों को धान बेचने के लिए मारे-मारे फिरना पड़ रहा है। धान क्रय केंद्रों की कमी और धीमी खरीदारी के कारण किसान बिचौलियों को काफी कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं।
खरीदारी की लचर व्यवस्था के कारण महीगंज गांव के दर्जनों किसानों का 1700 क्विंटल धान बर्बाद हो रहा है। यहां इस साल धान क्रय केंद्र नहीं खोला गया है। किसान कामेश्वर सिंह ने कहा कि धान खरीद की जटिल प्रक्रिया से किसानों को 2369 रुपये एमएसपी नहीं मिल रही। किसानों को बिचौलियों को 1600 रुपये में एक क्विंटल धान बेचना पड़ रहा। पूर्व प्रधान जितेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि महीगंज में धान क्रय केंद्र नहीं होने से यहां के किसानों को पांच किलोमीटर दूर धान बेचने जाना पड़ रहा।
वहीं दूर बने क्रय केंद्र बंद रहते हैं। धान बेचने के लिए आन लाइन रजिस्ट्रेशन कराने के बाद रिपोर्ट लगाने में देरी के चलते खरीदारी प्रभावित हो रही है। पिंडरा घाट निवासी संजय सिंह ने कहा कि चंदन नगर में बना धान क्रय केंद्र पर एक महीने से ताला लटक रहा है। यहां किसानों के धान की खरीद नहीं होने से प्राइवेट दुकानदारों को कम कीमत पर धान बेचना पड़ रहा है। डहरौली स्थित क्रय केंद्र पर अबतक सिर्फ 12 कुंतल धान की खरीदारी हुई है।
क्रय केंद्र के प्रभारी शशांक शुक्ल ने कहा कि सत्यापन के अभाव में किसानों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। डहरौली में 10 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। क्रय केंद्र पर पर्याप्त बोरा भी नहीं है।
नारायणपुर औराई के क्रय केंद्र पर छह हजार कुंतल लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 52 क्विंटल धान की खरीदारी हो पाई है। किसान हरिश्चंद्र ने कहा कि इस वर्ष धान की खरीदारी जटिल प्रक्रिया और जिम्मेदारों की लापरवाही से बुरी तरह प्रभावित है। किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिल रहा है।
इस संबंध में एसडीएम हरिशंकर लाल ने कहा कि क्रय केंद्रों की जांच हो रही है। सत्यापन में विलंब करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। क्रय केंद्र बंद मिले तो सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रोज निराश लौट रहे किसान
पिंडी। लार के पिंडी रोड में स्थित धान क्रय केंद्र पिपरा बोली समिति पर धान बेचने वाले किसानों की भीड़ सुबह से लगी रही, परंतु खरीद नहीं होने से किसान मायूस लौट गए। क्रय प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने सेंटर क्रिया शील नही होने की वजह बता कर किसानों को लौटा दिया। पिपरा बोली लार के क्रय केंद्र पर लार के किसान अवनीश कुमार सिंह और बरडीहा के धीरज सिंह अपने ट्राली में धान बेचने केंद्र पर पहुंच गए। पूरे दिन इंतजार के बाद भी जब सेंटर सक्रिय नहीं हुआ तो किसान बैरंग वापस चले गए। संवाद