मझौली राज में बनकर तैयार अग्निशमन केंद्र।संवाद
सलेमपुर। मझौली राज के बीएन इंटर कॉलेज के बगल में आठ लाख 70 हजार की लागत से अग्निशमन केंद्र सलेमपुर का मुख्य प्रशासनिक भवन और आवासीय भवन बनकर तैयार है, लेकिन औपचारिक रूप से यहां काम काज शुरू नहीं हो सका है।
विभाग निर्माण निगम से भवन के हैंडओवर की प्रतीक्षा में है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद यहां से फायर स्टेशन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में मझौलीराज में अग्निशमन केंद्र की स्थापना भी शामिल था। अग्निशमन विभाग का दायरा अब सिर्फ आग बुझाने तक सीमित नहीं है। अब उन्हें अत्याधुनिक उपकरणों और मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल से लैस कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ आगजनी में राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि बाढ़, भूकंप, गैस रिसाव, इमारत ढहने, औद्योगिक दुर्घटनाओं और हाइवे पर हुए सड़क हादसों जैसी किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत प्रदान करना है।
इस नई पहल के तहत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही दमकल कर्मी मोर्चा संभाल लेंगे। अग्निशमन केंद्र नहीं होने के चलते गर्मी के दिनों में आग से हर वर्ष सैकड़ों किसानों की गेहूं की तैयार फसल व गरीबों की झोपड़ियां जल जाती हैं। आग की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हो रहा था। जिसको देखते हुए तत्कालीन विधायक काली प्रसाद ने शासन को पत्र लिखकर जनता की समस्या को अवगत कराया था। जिसके बाद अग्निशमन केंद्र निर्माण की स्वीकृति मिली। आठ लाख 70 हजार रुपये का टेंडर निकाल कर निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। ठेकेदार विभाग को हैंडओवर कर दिया है। इसके बाद विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए हेड कांस्टेबल अखिलेश्वर सिंह की तैनाती कर दी है, जो वाहन पहले कोतवाली में खड़ा किया जाता था। वह फिलहाल फायर स्टेशन पर खड़े हो रहे हैं। अग्निशमन केंद्र का निर्माण होने से आग पर नियंत्रण पाना आसान होगा।