संवाद न्यूज एजेंसी।
एकौना। दो दिन से आग गोर्रा और राप्ती नदी के बीच दोआबा में जमकर कहर बरपा रही है। शुक्रवार की दोपहर तिघरा गांव के पास फसल की डंठल में लगी आग से छह गांवों के सरेह में जमकर कहर बरपाया।
गर्म हवा के झोंकों के सहारे आग एक गांव से दूसरे गांव तक पल भर में पहुंच कर फसलों को जलाती रही। विकराल रूप धारण किए आग को बुझाने के लिए दमकल कर्मी और ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 40 एकड़ गेहूं और अरहर की फसल जलकर नष्ट हो गई। आंखों के सामने खेत में खड़ी फसल को जलता देख किसानों की आंखें भर आईं।
ग्रामीणों के अनुसार, तिघरा खैरवा गांव के पास किसी युवक ने डंठल में सिगरेट फेंक दिया था। इससे डंठल जलने के बाद आग ने खेत में खड़ी गेहूं की फसल में पकड़ लिया।
इस दौरान कुछ किसान कंबाइन से खेत कटवा रहे थे, आग को देखकर उन्होंने भाग कर किसी तरह जान बचाई। आग ने बेलवा दुबौली, लालपुर परसिया, रतनपुर, हौली बलिया आदि गांवों के किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया।
करीब 50 एकड़ खेत में भूसा बनाने को छोड़ा गया डंठल भी जलकर राख हो गया। मौके पर तहसील प्रशासन की मौजूदगी में दमकल कर्मी और ग्रामीण जगह-जगह आग बुझाने मे लगे रहे। कई बार आग की तेज लपटों के कारण लोगों को पीछे हटना पड़ा।
दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लालपुर परसिया निवासी दयानंद सिंह, शैलेश सिंह, संतोष, रमेश पांडेय आदि किसानों ने तत्काल सर्वे कर प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की।