इसके बाद धूल, झाला देखकर नाराजगी जताई। कहा कि पहले आने की सूचना थी, इसके बाद भी यह स्थिति है, जो ठीक नहीं है। यहां से बगल में स्थित शौचालय देखने पहुंच गए। देखे टोटी से पानी टपक रहा था, लाइट का इंतजाम नहीं था। सीएमएस से कहा कि अस्पताल का राउंड लेते हैं कि नहीं। सीएमएस ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था की जिम्मेदारी कई लोगों को बांट दी है। पानी, बिजली के देखरेख की जिम्मेदारी डॉ. आरके श्रीवास्तव की है। मंत्री ने उनसे पूछा कि राउंड कब किए हैं, इधर आए कितने दिन हुए। उनका गोलमटोल जवाब सुन दायित्व का ठीक ढंग से निर्वहन करने की बात कही।
कुछ लगे वॉश बेसिन में पानी नहीं आ रहा था, नीचे बंद बताया गया। खोलने पर पाइप टूटा था और तेजी से पानी फर्श पर गिरने लगा। आगे बढ़ने पर रोशनदान के पास लोहा लटक रहा था। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे किसी को चोट लग सकती है, वह निकालने बढ़े कि साथ के लोग निकालने लगे। प्राचार्य ने एक कर्मचारी को उसे निकालने के निर्देश दिए। वहीं, पास में चिकित्सक को देखा। इसके बाद पुरुष सर्जिकल वार्ड में पहुंचे, जहां भर्ती भर्ती गुरजन निवासी नेतवार के पास पहुंचे और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने के बाद अस्पताल से दवा मिलने तथा डॉक्टर को देखने के लिए आने के बारे में पूछे। सब कुछ ठीक बताया।
वार्ड को देखने के बाद महिला मेडिकल वार्ड में पहुंचे और बरामदे में भर्ती रेखा देवी निवासी बैरौना के पास गए, उससे भी दवा व डॉक्टर के राउंड के बारे में पूछे। महिला के पति राजीव कुमार ने बताया कि अस्पताल से दवा मिली है। सुबह व शाम को डॉक्टर देखने आते हैं। यहां से सीधे शौचालय पहुंचे, जहां गंदगी देखकर बिफर पड़े। कई जगह टाइल्स टूटी थी। एक का फ्लश टूटा था। अंदर झाला लटक रहा था, जिसे दिखाया। सीएमएस ने बताया कि भवन ध्वस्तीकरण में है।
उन्होंने कहा कि अभी इसका प्रयोग किया जा रहा है तो साफ-सफाई का ध्यान तो रखना होगा। मंत्री के पहुंचने पर भी सफाई कार्य चल रहा था। इसके बाद अस्पताल से बाहर निकले। उनके गाड़ी में बैठने पर प्राचार्य ने कर्मचारियों के वेतन में विलंब सहित अन्य समस्याओं से संबंधित पत्र दिया। जिसे लेकर रख लिया।