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Deoria News: दहशत, दर्द या कुछ और...पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताएगी सच्चाई

Sun, 04 Oct 2026 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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खुखुंदू थाना गेट के पास खड़ी पुलिस फोर्स, 
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देवरिया। खुखुंदू थाने की हवालात में अमरोहा के डीसीएम चालक बृजपाल उर्फ विक्की की मौत कैसे हुई, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है। पुलिस का कहना है कि उसने हवालात में फंदा लगा लिया, जबकि परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत की आशंका जताई है।
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ऐसे में सवाल है कि करीब डेढ़ क्विंटल गांजा मिलने के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद ऐसा क्या हुआ कि अगले ही दिन बृजपाल की जान चली गई। गिरफ्तारी और जेल जाने की दहशत ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर किया, वह किसी मानसिक दबाव में था या मौत की वजह कुछ और है। इन सवालों का काफी हद तक जवाब डॉक्टरों के पैनल से होने वाले पोस्टमार्टम और जांच से मिलने की उम्मीद है।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के सोनडाला फरीदपुर निवासी 38 वर्षीय बृजपाल उर्फ विक्की डीसीएम चलाता था। शुक्रवार को खुखुंदू-नूनखार मार्ग पर पुलिस ने उसकी डीसीएम की तलाशी ली थी।
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वाहन से करीब डेढ़ क्विंटल गांजा मिलने की बात सामने आई और उसे एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर हवालात में रखा गया। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक सुबह करीब 8:30 बजे उसने हवालात में फंदा लगा लिया। पुलिसकर्मी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मामले में दूसरा पक्ष परिजनों का है। बृजपाल के रिश्तेदार गुड्डू ने आरोप लगाया है कि शनिवार सुबह वह एक परिचित के साथ खुखुंदू थाने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बृजपाल से मिलने नहीं दिया गया। बाद में उन्हें उसके बीमार होने और मेडिकल कॉलेज जाने की जानकारी दी गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर मौत का पता चला।
उन्होंने पुलिस की पिटाई से मौत होने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, अब तक ऐसा कोई चिकित्सकीय तथ्य सार्वजनिक नहीं हुआ है जिससे पिटाई को मौत का कारण माना जा सके।
शरीर पर चोट के निशान हुए तो बढ़ेंगे सवाल : परिजनों की ओर से पिटाई की आशंका जताए जाने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो गई है।
रिपोर्ट से मौत का चिकित्सकीय कारण सामने आने के साथ यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि शरीर पर कोई चोट थी या नहीं और यदि थी तो उसका स्वरूप क्या था।
पुलिस ने मजिस्ट्रेट से पंचायतनामा भरवाने और डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराने की बात कही है। ऐसे में रिपोर्ट ही पुलिस के फंदा लगाने के दावे और परिजनों की आशंका के बीच महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। संवाद
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