बरहज। सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 60 सेमी ऊपर 67.10 मीटर पर बह रही है। थाना घाट पर बने मीटर गेज पर शुक्रवार को नदी का जलस्तर स्थिर रहा। हालांकि, मोहन सेतु के पास नदी कटान कर रही।
इससे नदी पुल से करीब 10 मीटर दक्षिण होकर बहने लगी है। सरयू के उफनाने से राप्ती नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है। सरयू का जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत महसूस की है, मगर बाढ़ प्रभावित गांवों और मोहल्लों के लोगों की मुश्किलें बरकरार है।
लोग जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने पर मजबूर हैं। वहीं निमार्णाधीन मोहन सेतु के दक्षिणी छोर से धरमपुर तक नदी बेतहाशा कटान कर रही है। इससे कृषि भूमि कटकर नदी में विलीन हो रही है। नदी के उफनाने से विशुनपुर देवार के करीब आधा दर्जन मोहल्लों के अलावा परसियां देवार के दसरसरिया, भरटोला, धोबीपुरा सहित अन्य मजरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नदी से चारों से घिरा होने के कारण टापू बने भदिला प्रथम गांव की हालत जस की तस बनी हुई है।