देवरिया। नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई है, लेकिन सरकारी और निजी स्कूलों ने अभी से छात्रों को जोड़ने की कवायद तेज कर दी है। जबकि परिषदीय स्कूलों में अभी तक वािर्षक परीक्षा नहीं हुई है।
स्थिति यह है कि वार्षिक परीक्षा खत्म होने से पहले ही कई निजी स्कूलों के शिक्षक गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों के नामांकन के लिए संपर्क कर रहे हैं। यह तेजी आरटीई के तहत आवेदन शुरू कराने के बाद आई है।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक निजी स्कूलों के शिक्षक अभिभावकों से मिलकर बच्चों को अपने विद्यालय में दाखिला दिलाने की अपील कर रहे हैं।
कई जगहों पर स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों को बेहतर शिक्षा, अंग्रेजी माध्यम और सुविधाओं का हवाला देकर अभिभावकों को आकर्षित किया जा रहा है। कुछ स्कूलों ने तो एडमिशन लेने पर शुल्क में छूट और अन्य सुविधाओं का भी प्रस्ताव दिया है। दूसरी ओर परिषदीय यानी सरकारी स्कूलों में अभी वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां चल रही हैं। इसको लेकर तेजी से काम हो रहा है।
शिक्षक परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में व्यस्त हैं। 30 मार्च तक परिणाम घोषित करने के बाद वे एक अप्रैल से नए सत्र के नामांकन को लेकर अभियान चलाएंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि वार्षिक परीक्षाएं पूरी होने के बाद ही नए सत्र के लिए नामांकन अभियान शुरू होता है।