पैकौली। सुरौली थाना क्षेत्र के परसा जंगल गांव में बिजली निगम की लापरवाही से पांच वर्षीय अनन्या की मौत के बाद भी पोल को सीधा नहीं किया गया।
रविवार को भी पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद रही। अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर एसडीओ ने दोपहर में मौके का निरीक्षण किया लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। अफसरों का कहना है कि सोमवार को रिपोर्ट मिलने पर तय होगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
गांव के लोगों ने बताया कि शनिवार की शाम मेघनाथ यादव की इकलौती पुत्री पांच वर्षीय अनन्या अपने घर की छत पर खेल रही थी। उसी दौरान 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले छठ पर्व के दौरान खेत में कंबाइन मशीन ले जाते समय बिजली का पोल टकराकर टेढ़ा हो गया था।
इसके बाद हाईटेंशन तार मकान की छत के बेहद करीब आ गया। परिवार ने घटना से पहले ही बिजली विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन विभाग ने केवल टूटी हुई केबल काटी और पोल सीधा करने की जरूरत नहीं समझी। इसी लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। अनन्या की चीख सुनकर उसकी मां सरोज देवी उसे बचाने दौड़ीं, लेकिन करंट लगने से वह भी झटका खाकर दूर जा गिरीं। आसपास के लोग पहुंचे तो लाठी से तार हटाकर बच्ची को अलग किया और बिजली सप्लाई बंद कराई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद कोहराम मच गया।
मासूम की मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में मातम छा गया। रविवार की सुबह किसी के घर चूल्हा नहीं जला। आसपास के गांवों से लोग मेघनाथ यादव के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करते रहे। अनन्या अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। उसकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है।
मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पोल सीधा नहीं किया जाएगा, गांव में बिजली नहीं आने देंगे। उनका आरोप है कि बिजली निगम की घोर लापरवाही और उदासीनता से यह दर्दनाक हादसा हुआ। गांव में अब भी बिजली आपूर्ति बंद है और पोल जस का तस टेढ़ा खड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और हाईटेंशन तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर लगाया जाए, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।