इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं, फार्मासिस्ट ने किया उपचार
सलेमपुर। स्थानीय सीएचसी में रविवार को इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान केवल फार्मासिस्ट व वार्ड ब्वाय मौजूद रहे। अस्पताल आए मरीजों को डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने पर फार्मासिस्ट से ही दिखाना पड़ा। इमरजेंसी में जिसकी ड्यूटी लगी थी, उस डॉक्टर का स्थानांतरण मऊ हो गया है।
जिले के बाद सलेमपुर सीएचसी में सबसे ज्यादे मरीज आते हैं। यहां सलेमपुर नगर के अलावा ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों व अन्य ब्लॉक के गांवों से मरीज आते हैं। स्थानीय सीएचसी में तैनात डॉक्टर वीके मिश्रा का स्थानांतरण मऊ जिले में हो गया है। इसी बीच उनकी ड्यूटी रविवार को सीएचसी में इमरजेंसी ड्यूटी में लगाई गई थी। स्थानांतरण के कारण वे रविवार को अस्पताल नहीं आए। इमरजेंसी में फार्मासिस्ट दीपक वर्मा व वार्ड ब्वाय लोकेंद्र मौजूद रहे। हालांकि फार्मासिस्ट का भी स्थानांतरण भटनी में हो गया है। बावजूद, इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान मौजूद रहे। इस बीच सेमरा घुसरी की ममता देवी अस्पताल पहुंचीं, जहां डॉक्टर नहीं मिले। फार्मासिस्ट ने अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया। पयासी खटिक टोला निवासी चांद देवी व छह वर्षीय टीकू उपचार के लिए आए थे, वे बुखार से पीड़ित थे। उन्हें फार्मासिस्ट से ही उपचार कराना पड़ा। बरसीपार लाला टोला की ममता (30) रविवार सुबह खाना बनाते समय कुकर फटने से झुलस गई थी। उसे लेकर परिवार के लोग अस्पताल आए थे। इमरजेंसी में फार्मासिस्ट ने उपचार किया। प्रभारी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अस्पताल पर चिकित्सक को होना चाहिए। यह गंभीर बात है। इस बारे में अभी पूछता हूं।