रुद्रपुर। करीब पांच करोड़ की लागत से बथुआ नदी पर बने रीवर फ्रंट की पहचान बचाने को चेयरमैन सुधा निगम और उनके पति पूर्व चेयरमैन छट्ठे लाल निगम शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले। उन्होंने सीएम से रिवर फ्रंट के विस्तार और सिवरेज प्लांट लगवाने और वर्षों से बंद नदी के उदगम स्थल को खुलवाने का आग्रह किए।
प्रदूषण के कारण रिवर फ्रंट की आबोहवा बिगड़ने से यहां सुबह शाम टहलने वालों की तादाद कम हो रही है। कोई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं होने से नदी में शहर का सीवर बह रहा है।
नगर से सटकर बहने वाली बथुआ नदी का उद्गम स्थल जंगल भुसवल के पास गोर्रा नदी से था। वर्ष 1986 में बालू परियोजना के तहत गोर्रा नदी से बथुआ नदी का बहाव बंद कर दिया गया।
अब नदी में सिर्फ बरसात और नगर से निकलने वाले नालियों का पानी बह रहा है। करीब तीस किलोमीटर लंबी बथुआ नदी गोर्रा नदी से निकलकर मदनपुर के समीप राप्ती में मिलती है। बथुआ नदी से तटवर्ती गांव के लोग आसानी से सिंचाई भी कर लेते थे। आबादी से नजदीक होने के कारण सेमरौना घाट पर बथुआ रीवर फ्रंट बनाया गया। जिस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च हो चुका है। रिवर फ्रंट पर एक किलोमीटर के दायरे में छठ पर्व के अलावा सुबह शाम टहलने वालों की भीड़ लगती है, लेकिन नदी में गंदगी के कारण अब दुर्गंध फैल रही है।