बघौचघाट। थाना क्षेत्र के एक दिव्यांग युवक ने अपने गांव के बंद पड़े स्कूल में फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली है। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के अनुसार युवक दो दिन से घर से गायब था।
थाना क्षेत्र के मस्जिदिया गांव के रामप्रवेश विश्वकर्मा पुत्र अवधेश विश्वकर्मा का शव शनिवार को बंद पड़े स्कूल में फंदे से लटकता मिला। उसके पास से पर्ची मिली। जिसमें उसने आत्महत्या की बात लिखी थी। उसने लिखा था कि इसमें मेरे परिवार का कोई दोष नहीं है। कुछ साल पहले ट्रेन की चपेट में आने से रामप्रवेश का पैर कट गया था। पत्नी से भी संबंध विच्छेद हो गया था। जिसकी वजह से रामप्रवेश हमेशा तनाव में जीने लगा था। ग्रामीणों के अनुसार वह भजन कीर्तन गाकर अपना जीवन यापन कर रहा था। वहीं पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं। रामप्रवेश तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके दो भाई छोटे हैं जो पढ़ाई करते हैं। मां निर्मला देवी का रो रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी विशाल कुमार उपाध्याय ने बताया कि युवक ने आत्महत्या की है। उसके पास से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने आत्महत्या की बात लिखी है। उसमें उसने अपने परिजनों को निर्दोष बताया है।