देवरिया। जिले के महात्मा भारती इंटर कॉलेज मलकौली में प्रबंधकीय समिति के चुनाव को लेकर विवाद समाप्त नहीं हो रहा है। विद्यालय में दो अलग-अलग पक्षों द्वारा चुनाव कराकर प्रबंधकीय दावेदारी पेश किए जाने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने बड़ा कदम उठाया है।
डीआईओएस ने 30 जून को जारी पन्नालाल यादव के हस्ताक्षर प्रमाणीकरण आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए विद्यालय के खाते के एकल संचालन का आदेश जारी कर दिया है।
मामले को अंतिम निस्तारण और मार्गदर्शन के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, सप्तम मंडल गोरखपुर के अध्यक्षता वाली मंडलीय समिति के पास भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, महात्मा भारती इंटर कॉलेज, मलकौली माध्यमिक शिक्षा परिषद से इंटर स्तर तक मान्यता प्राप्त और राज्य सरकार द्वारा अनुदानित संस्था है। बीते 28 जून को विद्यालय में प्रबंधकीय चुनाव संपन्न कराने के लिए कार्यालय द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। पर्यवेक्षक और प्रधानाचार्य की आख्या के आधार पर 30 जून को पन्नालाल यादव का हस्ताक्षर प्रबंधक के रूप में डीआईओएस द्वारा प्रमाणित कर दिया गया था, जिन्होंने 184 सदस्यों की सूची के आधार पर 85 सदस्यों की उपस्थिति में चुनाव कराने का दावा किया था।
इसी बीच, दूसरे पक्ष के धर्मेंदु नाथ मिश्र ने भी डीआईओएस कार्यालय में 30 जून को प्रार्थना पत्र देकर दावा किया कि 28 जून को ही उन्होंने प्रमाणित 89 सदस्यों की सूची में से 57 जीवित सदस्यों की उपस्थिति में के आधार पर चुनाव संपन्न कराया है और खुद को प्रबंधक बताते हुए हस्ताक्षर प्रमाणित करने का अनुरोध किया।
डीआईओएस के पत्र के अनुसार, इस संस्था में सदस्यों की संख्या को लेकर पहले भी विवाद रहा है। वर्ष 2017-18 में सहायक रजिस्ट्रार गोरखपुर द्वारा 184 वैध सदस्यों की सूची प्रमाणित की गई थी, जबकि वर्ष 2016-17 में केवल 89 सदस्यों की सूची प्रमाणित हुई थी। इस भिन्नता को लेकर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कक्ष संख्या-18 देवरिया में वाद संख्या 65/2020 दाखिल हुआ था, जिसमें न्यायालय ने आंशिक रूप से डिक्री पारित करते हुए सभी वादियों को विधिमान्य सदस्य माना था और उन्हें प्रबंध समिति के गठन में प्रतिभाग करने का अधिकार दिया था।
इसी के आधार पर वर्ष 2021 में भी पन्नालाल यादव का हस्ताक्षर प्रमाणित हुआ था। डीआईओएस हरिश्चंद्र नाथ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि संस्था में गंभीर प्रबंधकीय विवाद उत्पन्न हो गया है और एक ही तिथि पर दो चुनाव होने का दावा किया जा रहा है। चूंकि इस विवाद के निस्तारण का अधिकार संयुक्त शिक्षा निदेशक गोरखपुर की अध्यक्षता वाली मंडलीय समिति को है।