संवाद न्यूज एजेंसी
भलुअनी। कस्बे के गांधी चौक पर चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा में छठवें दिन बृहस्पतिवार को अयोध्या से आए कथावाचक धीरज कृष्ण ने श्रद्धालुओं को राम विवाह की कथा सुनाई। कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथावाचक ने कहा कि राजा जनक के दरबार में शिव धनुष रखा हुआ था। माता जानकी एक दिन घर की सफाई के दौरान उसे उठाकर दूसरी जगह रख दीं। यह देख राजा जनक को आश्चर्य हुआ, क्योंकि वह धनुष किसी से उठ नहीं रहा था। राजा ने प्रतिज्ञा की कि जो भी प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। स्वयंबर में राजा-महाराजाओं को निमंत्रण भेजा गया।
वहां आए सभी लोगों ने एक-एक कर धनुष उठाने की कोशिश की, मगर किसी को सफलता नहीं मिली। गुरु की आज्ञा से श्रीराम धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाने लगे तभी धनुष टूट गया।