दौलत और ताकत की चाहत में कुख्यात विनोद माफिया ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत शाही से दोस्ती की थी, मगर सियासत में हुए टकराव के बाद दोनों अलग हो गए। माफिया विनोद उपाध्याय ने देवरिया में अपना नेटवर्क मजबूत कर लिया था। इसके लिए वह अक्सर देवरिया आता-जाता रहता था।
वहां उसकी ससुराल भी है। सूत्रों के अनुसार, कई विभागों में आज भी माफिया के करीबियों का वर्चस्व कायम है। इन विभागों में उनके अलावा कोई दूसरा टेंडर लेने का प्रयास नहीं करता है।
गोरखपुर के रहने वाले माफिया विनोद उपाध्याय की देवरिया में रिश्तेदारी तो कुछ साल पहले हुई, लेकिन उसका यहां आना-जाना पहले से था। बनकटा क्षेत्र का रहने वाला बदमाश अजीत शाही और विनोद पहले एक साथ मिलकर विभिन्न अपराधों को अंजाम देते थे। सूत्रों की मानें तो अजीत शाही ने जब बनकटा ब्लॉक से प्रमुख का चुनाव लड़ा था तो विनोद ने उसके प्रचार की कमान संभाली थी। दोनों ने बसपा से जुड़कर भी राजनीति की, लेकिन बाद में किसी बात को लेकर उनमें ठन गई। इसके बाद गोरखपुर में दोनों के अलग-अलग गुट बन गए।
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