-भागलपुर से नवलपुर तक 16 किमी तक पेड़ों को काटने की वन विभाग से नहीं मिल सकी अनुमति
भागलपुर। नवलपुर से सिकंदरपुर तक फोरलेन सड़क बनने में किनारे लगे करीब 2000 पेड़ बाधा बन रहे हैं। इन पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग की अनुमति नहीं मिल पा रही है। वहीं एनएच के ठेकेदारों का कहना है कि इस वजह से निर्माण कार्य में तेजी लाने में दिक्कत हो रही है।
देवरिया जिले के नवलपुर से बलिया जिले के सिकंदरपुर तक 44 किमी लंबे एनएचए 727 को फोरलेन किया जा रहा है। यह सड़क से नवलपुर से भागलपुर तक फोरलेन और उभांव से सिकंदरपुर तक टू लेन बननी है। सड़क पर मिट्टी का कार्य करा रहे ठेकेदारों का कहना है कि नवलपुर से भागलपुर तक 16 किमी सड़क निर्माण में लगभग 2000 पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से अभी अनुमति नहीं मिल पाई है।
अगर बरसात के मौसम में ही पेड़ों की कटाई की अनुमति मिल गई होती तो बारिश का मौसम खत्म होने के बाद सड़क निर्माण कार्य तेज कर दिया जाता और तय समय में कार्य पूरा कर लिया जाता। पेड़ों की कटाई नहीं होने से एनएचए की मशीनरी ठप पड़ी है। निर्माण कार्य में बाधा आ रही है।
एक साल पहले वन विभाग को मिल चुका है मुआवजा
जेई सुमीत कुमार ने बताया कि एक साल पहले ही वन विभाग को पेड़ काटने से होने वाली धनराशि जमा की जा चुकी है। नवलपुर सिकंदरपुर मार्ग के अंतर्गत प्रभावित होने वाले वृक्षों के किए लिए वन निगम से लगातार मौखिक एवं लिखित तौर पर अनुरोध किया जा रहा है लेकिन वन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।