आपको बता दें कि देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में सोमवार को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित पूर्व जिला पंचायत सदस्य पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की गोली मारकर और धारदार से वार कर हत्या कर दी।
सबसे छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल है। मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों त्वरित सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके बाद दोपहर होते-होते प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार हेलीकॉप्टर से देवरिया पुलिस लाइंस पहुंच गए।
दल-बल के साथ दोनों उच्चाधिकारियों ने लेहड़ा टोला में घटनास्थल का निरीक्षण किया। यहां पीड़ित दोनों परिवारों से घटना की जानकारी लेने के साथ ही घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।
देवरिया के फतेहपुर के अभयपुर टोला निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव (45) का उसी गांव के लेड़हा टोला निवासी सत्यप्रकाश दुबे से लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। सत्यप्रकाश के भाई ज्ञानप्रकाश ने अपने हिस्से की दस बीघा जमीन प्रेमचंद यादव को बैनामा कर दी है। विवाद की जड़ यह जमीन ही है जिसपर एक मुकदमा दीवानी न्यायालय में चल रहा है।
सोमवार की सुबह प्रेमचंद यादव बाइक से अपने खेतों का मुआयना करने गए थे। इसके बाद वह लेड़हा टोले पर सत्यप्रकाश दुबे के घर मुकदमे में सुलह-समझौते की बात करने चले गए। बातचीत के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि सत्यप्रकाश और उनके घर के लोगों ने प्रेमचंद यादव पर धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी।
हत्या की सूचना मिलने पर प्रेमचंद के घर और टोले के लोगों ने लाठी-डंडे और असलहे लेकर सत्यप्रकाश के घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने सत्यप्रकाश (50), उनकी पत्नी किरन (48), बेटी सलोनी (18), नंदनी (8) और पुत्र गांधी (15) को लाठी-डंडे से पीटकर कर और गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी।
वहीं, दस साल का पुत्र अनमोल बुरी तरह घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल हो गया। पुलिस ने सत्यप्रकाश दुबे के घर में से एक-एक कर पांच शवों को बाहर निकाला और पूर्व जिला पंचायत सदस्य के शव को भी कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव में तनाव को देखते हुए थानों की फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है। मंडलायुक्त अनिल डिंगरा, आईजी गोरखपुर परिक्षेत्र जे रविंद्र गौड़, जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह, एसपी संकल्प शर्मा सहित पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी घटनास्थल पर कैंप किए हुए हैं।