एनएमसी के विरोध में हड़ताल पर डॉक्टर
आईएमए के बैनर तले किया प्रदर्शन, मोदी को भेजा ज्ञापन
कहा: चिकित्सक और चिकित्सा विरोध है एनएमसी बिल
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के विरोध में आईएमए के आह्वान पर मंगलवार को जिले के निजी चिकित्सक हड़ताल पर रहे। ओपीडी को ठप रखकर चिकित्सकों ने देवरिया क्लब में बैठक की। नए बिल के विरोध में प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन प्रेषित किया। चिकित्सकों ने इस बिल को चिकित्सक और चिकित्सा विरोधी करार दिया।
पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. विपिन बिहारी शुक्ला ने पीजी कोर्स में दाखिले के लिए एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए कॉमन टेस्ट को आधार बनाने का प्रस्ताव जनविरोधी या प्रतिभा को दमनकारी बताया। जिला सचिव डॉ. उमाकांत पांडेय कहा कि मेडिकल बिल कमीशन में 29 सदस्यों में 20 को सरकार की ओर से नामित किए जाने का प्रावधान भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला है। अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि एनएमसी लागू कर डॉक्टरों को कमजोर किया गया है। इसका विरोध अंत तक आईएमए करेगी। डॉ. जेएन पांडेय ने कहा कि आधुनिक मेडिसिन की प्रेक्टिस के लिए सीमित लाइसेंस विसंगतिपूर्ण है। पूर्व सचिव डॉ. सौरभ बरनवाल ने एनएमसी की नई धारा-32 का विरोध किया। डॉक्टरों का कहना था कि अगर सरकार का विचार मरीजों की संख्या और अस्पताल, क्लीनिक में डॉक्टरों की संख्या के अंतर को कम करने की है तो एनएमसी बिल को तत्काल वापस ले। विरोध प्रदर्शन में डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. उमाकांत पांडेय, डॉ. अरविंद मिश्र, डॉ. मो.आरिफ, डॉ. विजय यादव, डॉ. शशिप्रभा गुप्ता, डॉ. नावेंदु राय, डॉ. सत्येंद्र तिवारी, डॉ. समीर यादव, डॉ. वरेश नागरथ, डॉ. पवन त्रिपाठी, डॉ. अनूप त्रिपाठी, डॉ. ऊषा तिवारी, डॉ. अशोक राय, डॉ. आरएस मद्धेशिया आदि मौजूद रहे।