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Deoria News: डूबने से नहीं हुई मौत, फिर सरयू में कैसे पहुंचा दरोगा का शव

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देवरिया/बस्ती। परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ की मौत का पूरा खेल अयोध्या सरयू पुल के आसपास ही हुआ है। कुआनो नदी का अमहट तट सिर्फ भ्रमित करने वाली जगह साबित हुई। घटना की प्रकृति भी शातिराना अंदाज से पूरा मेल खा रही है।
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इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और उलझा दिया है। पुलिस अभी तक खुदकुशी समझकर जांच कर रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरोगा की नदी में डूबने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। दरोगा बॉडी के अंदर गले, फेफड़े और पेट में पानी नहीं मिला है, जबकि अगर कोई व्यक्ति डूबता है तो उसके गले, फेफड़े और पेट में पानी भरा होेता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर दरोगा की डूबने से मौत नहीं हुई थी, तो उनका शव सरयू नदी में कैसे पहुंचा। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि दरोगा की मौत कहीं और हुई थी और उनकी लाश अयोध्या के सरयू नदी में फेंकी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी चोट के निशान भी नहीं मिले हैं। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि दरोगा अजय ने जहर खाई थी या उनको खिलाई गई थी। रिपोर्ट आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि दरोगा अजय ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उनकी हत्या की गई।
चूंकि मामला हाई प्रोफाइल है इसलिए पुलिस भी जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती, क्योंकि दरोगा के लापता होने के बाद पत्नी रंजीता और एडीएम भाई अरुण कुमार पहले उनके साथ किसी गहरी साजिश का आरोप लगा रहे थे। चौथे दिन सरयू नदी से लाश बरामद हुई तो हत्या का संदेह जताया। हालांकि पुलिस शुरू से ही हत्या मानने को तैयार नहीं है। वहीं अभी तक के जुटाए गए वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्य एकदम खुदकुशी के पक्ष में नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक नदी में डूबने से मौत होने पर बॉडी के अंदर गले, फेफड़े और पेट में पानी मिलता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं मिला।
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