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जेल में साथी की मौत, गुस्साए बंदियों ने किया हंगामा

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विचाराधीन बंदी के मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे ग्राम प्रधान व रिश्तेदार। - फोटो : DEORIA
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जेल में साथी की मौत, गुस्साए बंदियों ने किया हंगामा
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- चार घंटे की कोशिश के बाद दिया शव, इलाज में लापरवाही का आरोप
- 14 नंबर बैरक में बंद था दहेज हत्या का आरोपी परमहंस, कई थानों की बुलाई पड़ी फोर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला कारागार में बंदी की मौत से गुस्साए बंदियों ने बुधवार देर रात हंगामा किया। जेल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव देने से मना कर दिया। स्थिति देखकर कई थानोें की पुलिस बुलाई गई। करीब चार घंटे चले हंगामे के बाद अफसरों के आश्वास पर बंदी माने, तब जाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कुशीनगर के जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के नरकटिया गांव के रोबारी टोला निवासी परमहंस (50) देवरिया जेल में आठ अक्तूबर 2017 से दहेज हत्या में बहू की हत्या के आरोप में जेल में बंद थे। बुधवार रात भोजन के बाद 14 नंबर बैरक में सोने चले गए।
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रात करीब 10.20 बजे टीवी देखने समय बैरक में उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलते ही बंदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। माहौल देखते हुए जेलर की सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ एएसपी शिष्पाल सिंह, एडीएम प्रशासन राकेश पटेल, रात में ही जेल पहुंचे। वहीं विरोध कर रहे बंदी जेल में इलाज नहीं मिलने का आरोप लगा रहे थे। चार घंटे प्रयास के बाद रात 2 बजे एडीएम और एएसपी ने वार्ता कर शव को कब्जे में लिया। जेलर केपी त्रिपाठी ने बताया कि हार्ट अटैक से मौत होने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। जेल का माहौल सामान्य है।
जेल में बंदी की मौत से अन्य बंदियों में थोड़ी नाराजगी थी। इस लिए शव नहीं दे रहे थे। सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स बुला ली गई थी। ताकि कोई बवाल न हो। वार्ता के बाद बंदियों ने शव दे दिया।
शिष्यपाल सिंह, एएसपी
पोस्टमार्टम की हुई वीडियोग्राफी
विचाराधीन बंदी परमहंस का पोस्टमार्टम चार डॉक्टरों की टीम ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी हुई। डॉ. की टीम में डॉ. श्याम कुमार, डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, डॉ. बीके विश्वकर्मा और डॉ. बीके सिंह शामिल रहे। मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर डॉक्टरों ने जांच के लिए बिसरा सुरक्षित कर लिया।
बेटे को मिली परोल
जेल में तनाव को देखते हुए जेलर केपी त्रिपाठी के पहल पर पिता के दाह संस्कार के लिए जेल में बंद दशरथ चौहान को पेरोल मिली। पुलिस के देखरेख में दशरथ घाट पर जाएगा और अंतिम संस्कार के बाद पुन: जेल चला आएगा।
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पति, पत्नी और बेटा काट रहे जेल
परमहंस चौहान की बहू घर में आग लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस पर मायके वालों ने दहेज के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप में ससुर परमहंस, पति दशरथ और सास जड़ावती देवी 8 अक्तूबर 2017 से जेल में बंद हैं। परमहंस मौत की खबर मिलने पर गांव के प्रधान और रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। पीएम के बाद रिश्तेदारों को पुलिस ने शव सुपुर्द कर दिया।
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