रेलवे लाइन पर आत्महत्या के लिए लेटे मोनू तिवारी को समझाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
सलेमपुर। भटनी इंस्पेक्टर पर कार्रवाई और गुंडा एक्ट हटाने की मांग को लेकर युवक ने जान देने की कोशिश की। रेलवे लाइन पर लेटे युवक को पुलिस और नायब तहसीलदार ने समझा कर हटाया। युवक ने नायब तहसीलदार को राज्यपाल के नाम मांगपत्र भी दिया। एक दिन पूर्व रात में दबिश देने गई भटनी पुलिस और युवक से तकरार भी हुआ।
नोनापार गांव के मोनू तिवारी गांव के पीएनबी में रकम निकालने गया था। बैंककर्मियों और युवक के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि मौके पर पहुंचे भटनी इंस्पेक्टर ने युवक से बदसलूकी की और फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी।
मोनू ने 20 दिसंबर को भटनी इंस्पेक्टर की शिकायत तहसील दिवस में की। सीडीओ ने भाटपाररानी सीओ को जांच का निर्देश दिया। खाकी से जुड़ा मामला होने के कारण ठंडा बस्ते में डाल दिया गया। युवक ने दोबारा तहसील दिवस में आत्मदाह की कोशिश की तो इंस्पेक्टर पर कार्रवाई का आश्वासन अफसरों ने दिया।
भटनी इंस्पेक्टर ने मोनू तिवारी के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे प्रताड़ित करने लगे। युवक तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को सलेमपुर पहुंचा और दिन में करीब एक बजे उत्तरी रेलवे ढाले के पास रेलवे लाइन पर लेट गया। कुछ देर बाद नायब तहसीलदार डॉ. संजीव राय और एसआई शशिकांत पांडेय मयफोर्स के साथ पहुंचे। अफसरों से वार्ता करने के बाद युवक ने नायब तहसीलदार को मांगपत्र दिया।