देवरिया। शासन की सख्ती के बाद बालू खनन में लगे तस्करों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को कोतवाली और बरहज की पुलिस ने अपने इलाकों में दबिश देकर अवैध खनन का भंडाफोड़ किया। दस लोगों के साथ चार ट्रॉली बालू बरामद किया। सभी तस्करों पर पुलिस ने केस दर्ज कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बात साफ हो गई कि खनन विभाग भी अवैध कामों में साझेदार था। प्रतिबंध के बाद भी बालू तस्कर खनन कैसे करते रहे।
मंगलवार की शाम सदर कोतवाल विजय सिंह गौर चकरवा धूस के पास पहुंचे। गंडक नदी में अवैध रूप से खनन हो रहा था। पुलिस ने बालू लदी दो ट्रॉली मौके से पकड़ लिया। मौके से कई लोग भाग गए। जो लोग पकड़े गए उन्होंने पूछताछ में पहचान कोतवाली के पिपरपाती गांव निवासी झगरू यादव, काली मंदिर निवासी राधेश्याम जायसवाल, भीखमपुर रोड निवासी मनोज मल्ल, भलुअनी बहोर निवासी दिनेश राजभर के रूप में हुई। कोतवाल ने थाने में तहरीर दी।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अवैध खनन, चोरी और बरामदगी का केस दर्ज कर जेल भेज दिया। वहीं बरहज थाने में तैनात उप निरीक्षक मनोज यादव ने मुखबिर की सूचना पर बरहज सेतू, सरजू नदी में अवैध रूप से खनन कर रहे छह लोगों को गिरफ्तार किया। दो ट्रॉली बालू बरामद की गई। पकड़े गए लोगों की पहचान मऊ मधुबन निवासी विवेक, गुड्डू यादव, हरिकेश चौहान, रामकृपाल धर्मपुर, बरहज पचहां निवासी संतोष, सूरज के रूप में हुई। पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया।
सूत्रों ने बताया कि खनन विभाग की सह पर जिले के कई इलाकों में खनन जारी है। रामपुर कारखाना, तरकुलवा, कोतवाली, खुखुंदू, भटनी और सलेमपुर इलाके में सबसे अवैध खनन हो रहा है। आईजी भी खनन को लेकर नाराजगी जता चुके हैं।