देवरिया। विदेश भेजने के नाम पर ठगी के शिकार हुए युवकों ने पुरवां तिराहे पर सड़क जाम कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने आश्वासन देकर भीड़ को शांत किया। कचहरी और कोतवाली में भी युवकों ने हंगामा किया। कंपनी में काम करने वाले दो महिला कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पुरवा चौराहे पर एटलस वर्ल्ड के नाम पर एक कंपनी खोलकर कुछ लोग विदेश भेजने का काम करते थे। दिल्ली में रहने वाले सुभाष, हिमांशु, विकास और ओंकार कंपनी का संचालन करते थे। कुछ दिन पहले युवकों का टेस्ट लिया गया, 111 बेरोजगार पास हुए। कंपनी ने कर्मचारियों को विदेश भेजने के नाम पर 60 हजार नकद, मेडिकल का 4500 रुपये जमा कराया। सभी को मेल के माध्यम से वीजा भेजे की जानकारी दी गई। कंपनी ने बेरोजगारों को टूरिस्ट वीजा भेज दिया था।
मंगलवार को विदेश जाने के लिए जब दर्जनों युवक मौके पर पहुंचे तो कंपनी के जीएम और अन्य कर्मचारी मौके से भाग गए। सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार की सुबह साढ़े दस बजे के करीब पुरवां चौराहे पर युवकों ने हंगामा किया। बैरिकेडिंग गिराकर सड़क पर जाम लगा दिया। करीब बीस मिनट तक रोड जाम रहा। सूचना पर कंट्रोल रूम के सिपाही पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम का समाप्त कराया।
गौरीबाजार, बखरा राम कुमार, मुन्ना, जरार मानिक के प्रताप, चकरा भार्गव के नंदलाल, परसिया मिश्र के कैलास सहित कई लोगों ने कोतवाली में पहुंचकर तहरीर दी। धीरे-धीरे सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शांत कराया तो युवक कचहरी में पहुंचे और हंगामा करने लगे।
पुलिस ने कार्रवाई का फिर से आश्वासन दिया। एसएसआई मृत्युंजय पाठक ने बताया कि कंपनी संचालक के खिलाफ दिल्ली के प्रीतमपुरा थाने में पहले से मुकदमा दर्ज है। दिल्ली पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। 15 से अधिक लोगों ने वीजा के नाम पर रुपये देने की तहरीर दी है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।