दो दिन पहले घर जाने के लिए छुट्टी नहीं मिलने पर एसपी को त्यागपत्र भेजकर हलचल मचाने वाले हसायन के थानाध्यक्ष नरेंद्रपाल सिंह और एक मुंशी पर गाज गिर गई है। थाने में तैनात एक महिला कांस्टेबल से अभद्रता के आरोप में एसपी ने एसओ और मुंशी को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो महिला कांस्टेबल ने इस बारे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, पुलिस महानिदेशक, आईजी, डीआईजी और एसपी से शिकायत की थी। एसपी ने इसकी जांच सीओ सिकंदराराऊ से कराई थी और उनकी जांच रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की है। कार्रवाई से पुलिस महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
एसपी दिलीप कुमार ने बताया कि हसायन में तैनात एक महिला कांस्टेबल ने एसओ और एक मुंशी के खिलाफ उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। उन्होंने इन दोनों पर अभद्रता किए जाने और अश्लील भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया था। आरोप लगाने वाली सिपाही मूलरूप से मथुरा जिले की रहने वाली है। हसायन कोतवाली में उसकी तैनाती छह नवंबर 2014 को हुई थी। महिला कांस्टेबल ने अपनी शिकायत में कहा था कि एक दिन वह कोतवाली से किसी महिला को उपचार कराने के लिए ले गई थी। उसी दिन उनकी तबियत खराब हो गई। उन्होंने हॉस्पिटल के एक चिकित्सक से एसओ नरेंद्रपाल सिंह को फोन कराया और तबियत खराब होने की जानकारी दी।
आरोप है कि एसओ ने फोन पर गलत बातें करते हुए अश्लील भाषा का प्रयोग किया। कोतवाली के कार्यालय में तैनात मुंशी प्रमोद कुमार द्वारा भी गलत बातें करते हुए अभद्रता की गई। एसपी द्वारा इस मामले की जांच सीओ सिकंदराराऊ राकेश वशिष्ठ को सौंपी गई। अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान कांस्टेबल द्वारा मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग के आधार अपने आरोपों की पुष्टि की गई। सीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट एसपी को सौंप दी, जिसके बाद एसपी ने एसओ और मुंशी को सस्पेंड कर दिया है।