सुनील कुमार सिंह
देवरिया। गैस सिलेंडर गबन के मामले में गैस प्रभारी रहे हेड कांस्टेबल को निलंबित कर सिद्धार्थनगर के लिए रिलीव कर दिया, उसे जिले में ही बहाल कर दिया गया है। सवाल यह है कि आखिर यह किसके शह पर हुआ, जबकि उसके खिलाफ केस भी दर्ज है।
तत्कालीन एसपी राजीव मल्होत्रा को शिकायत मिली थी कि गैस प्रभारी हेड कांस्टेबल शैलेश यादव ने कई रसोई गैस सिलेंडर गायब कर दिए हैं। उन्होंने जांच कराई तो शिकायत सही मिली। जांच में 429 सिलेंडर, 94 रेग्युलेटर, 86 हजार रुपये नकद और 22 हजार रुपये का बिल गायब मिला। प्रतिसार निरीक्षक लल्लन यादव की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने गैस प्रभारी शैलेश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जुलाई के प्रथम सप्ताह में तत्कालीन एसपी राजीव मल्होत्रा ने हेड कांस्टेबल शैलेश यादव को निलंबित कर दिया। साथ ही अंडर ट्रांसफर चल रहे शैलेश को एसपी ने सिद्धार्थनगर के लिए रिलीव कर दिया। स्थानांतरित हेड कांस्टेबल ने वहां आमद नहीं कराया। उनके स्थानांतरण के बाद जिले में राकेश शंकर नए एसपी ने कुर्सी संभाली। कुछ दिन पूर्व उन्होंने निलंबन के साथ ही स्थानांतरित हेड कांस्टेबल को जिले में ही बहाल कर दिया। इस बाबत आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि यदि सिपाही को रिलीव किया गया तो उसकी जिले में कैसे बहाली हुई, यह जांच का विषय है। यदि यह शिकायत मुझ तक पहुंची तो जांच कराकर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
दूसरे गैस प्रभारी भी निलंबित
गैस प्रभारी शैलेश यादव के निलंबन के बाद दिलीप द्विवेदी को जुलाई में चार्ज मिला। गैस का निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये लेने के आरोप में पिछले महीने उन्हें निलंबित कर दिया गया। हालांकि उन्होंने अधिक लिए गए रुपये को कैश कार्यालय में जमा करने की बात अधिकारियों को बताई है।